Saturday, November 24, 2018

हरियाणा की प्रमुख झीलें Major lakes of Haryana

हरियाणा की प्रमुख झीलें

  1. बड़खल झील
  2. ब्रह्म सरोवर
  3. कर्ण झील
  4. सन्निहित सरोवर
  5. सूरजकुण्ड
  6. तिलयार झील
  7. टिक्कड़ ताल
बड़खल झील 
फरीदाबाद में स्थित बड़खल झील बहुत ही खूबसूरत है। यह मानव निर्मित झील है। इसके पास अरावली पर्वत श्रृंखला है। झील में पर्यटक जलक्रीडा़ओं (वाटर स्पोर्टस) का आनंद ले सकते हैं। यहां से थोड़ी दूरी पर बड़खल गांव है। इस गांव का नाम पर्शियन भाषा से लिया गया है। बड़खल का हिन्दी में अर्थ होता है बिना किसी रूकावट। झील में पानी की आपूर्ति बारिश के पानी और एक छोटी-सी जलधारा से होती है। पर्यटकों के ठहरने के लिए झील के पास रेस्ट हाऊस भी बने हुए हैं। इन विश्राम गृहों (रेस्ट हाऊसों) में बिना किसी परेशानी के आराम से ठहरा जा

ब्रह्मसरोवर

कुरूक्षेत्र के जिन स्थानों की प्रसिद्धि संपूर्ण विश्व में फैली हई है उनमें ब्रह्मसरोवर सबसे प्रमुख है। इस तीर्थ के विषय में विभिन्न प्रकार की किंवदंतियां प्रसिद्ध हैं। अगर उनकी बात हम न भी करें तो भी इस तीर्थ के विषय में महाभारत तथा वामन पुराण में भी उल्लेख मिलता है। जिसमें इस तीर्थ को परमपिता ब्रह्म जी से जोड़ा गया है। सूर्यग्रहण के अवसर पर यहां विशाल मेले का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर लाखों लोग ब्रह्मसरोवर में स्नान करते हैं। कई एकड़ में फैला हुआ यह तीर्थ वर्तमान में बहुत सुदंर एवं सुसज्जित बना दिया गया है। कुरूक्षेत्र विकास बोर्ड के द्वारा बहुत दर्शनीय रूप प्रदान किया गया है तथा रात्रि में प्रकाश की भी व्यवस्था की गयी है।

कर्ण झील

कर्ण झील हरियाणा के करनाल शहर के पास स्थित है। यह राज्य की राजधानी चंडीगढ तथा राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली दोनों से लगभग १२५ किमी की दूरी पर है। इस कारण से यह स्थान इन दो महत्वपूर्ण स्थानों के यात्रियों के लिये विश्राम स्थल का कार्य करता है।महाभारत के प्रमुख पात्र कर्ण को यह दुर्योधन ने इस प्रदेश का राज्य सौंपा था। ऐसी मान्यता है कि इस झील में कर्ण स्नान किया करते थे तथा इसी स्थान पर उन्होंने अपने कवच कुण्डल भगवान ईंद्र को दान किए थे, जिसके परिणामस्वरूप इतिहास में वे दानवीर कर्ण के नाम से प्रसिद्ध हुए।मान्यता है कि इस स्थान को कर्ण ताल कहा जाता था, जो कालांतर में करनाल कहा जाने लगा।

सन्निहित सरोवर

सन्निहित सरोवर हरियाणा के कुरुक्षेत्र में स्थित एक पवित्र सरोवर है। यह कुरूक्षेत्र में कैथल मार्ग पर श्री कृष्ण संग्रहालय के पास स्थित है। कहा जाता है कि यहाँ पर महाभारत युद्ध के बाद पांडवों ने सभी दिवंगतों की मुक्ति के लिए पिंड-दान आदि कार्य किया था। यहाँ एक विशाल सरोवर का निर्माण किया गया है जिसके चारों ओर रात्रि के लिए प्रकाश व्यवस्था भी की गई है।
सन्निहित सरोवर के बारे में मान्यता है कि यहीं सात सरस्वती नदियाँ मिलती हैं। इस सरोवर के जल में अमावस्या को स्नान करना पुण्यकारी माना जाता है।

सूरजकुण्ड

हरियाणा की पर्यटन विभाग ने 1987 में शुरू किया था। तब से हर साल इन्ही दिनों ये मेला लगता है। इस मेले का मुख्य आकर्षण है कि भारत के सभी राज्यों में से सबसे अच्छा शिल्प उत्पादों को एक ही स्थान पर जहाँ आप न देख सकते बल्कि उन्हें महसूस कर सकते हैं और उन्हें खरीद भी सकते है। इस शिल्प मेले में आप सबसे अच्छे हथकरघा और देश के सभी हस्तशिल्प पा सकते हैं। साथ ही मेला मैदान के ग्रामीण परिवेश की अद्भुत रेंज आगंतुकों को आकर्षित कर रही है। ये मेला 15 फ़रवरी तक चलेगा। सूरजकुंड मेले में इस गांव के माहौल को न केवल शहर की सुविधा-निवासी गांव जीवन की एक स्वाद पाने के लिए, लेकिन यह भी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खरीददारों के लिए पहुँच प्राप्त करने के शिल्पकारों में मदद करता है।

तिल्यार झील

तिल्यार झील रोहतक जिला, हरियाणा राज्य में 2 किमी की दूरी पर दिल्ली मार्ग पर स्थित है। इसमें बहुत से पशु, पक्षी व पेड़, पौधे हैं। नौकायन की सुविधा यहाँ पर्यटन को बढ़ावा देती है।

टिक्कड़ ताल

मोरनी हिल्स चण्डीगढ़ के नजदीक हरियाणा के पंचकूला जिले में स्थित है। राष्ट्रीय राजमार्ग 73 (चण्डीगढ़-देहरादून) तथा राष्ट्रीय राजमार्ग 22 (हिन्दुस्तान तिब्बत मार्ग, अम्बाला से कौरिक) के क्रॉसिंग पर स्थित यह एक बहुत ही रमणीक स्थान है। यहाँ पर पुराने शासकों का एक छोटा सा किला व महल है जिसे हरियाणा पर्यटन विभाग द्वारा एक लक्ज़री होटल में बदलने की योजना पर काम चल रहा है। मोरनी हिल्स से थोड़ी आगे एक बड़ी झील भी है जिसका नाम टिक्कड़ ताल है।यहाँ माऊण्टेन क्वेल नाम का हरियाणा पर्यटन का एक होटल भी है।


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