Monday, April 19, 2021

राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस : 𝙽𝙰𝚃𝙸𝙾𝙽𝙰𝙻 𝚂𝙰𝙵𝙴𝚃𝚈 𝙳𝙰𝚈 4 March

राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस : 𝙽𝙰𝚃𝙸𝙾𝙽𝙰𝙻 𝚂𝙰𝙵𝙴𝚃𝚈 𝙳𝙰𝚈

📌 थीम 2021 ➛ “आपदा से सीखें और सुरक्षित भविष्य की तैयारी करें (Learn from Disaster and prepare for a Safer Future)” है।

4 मार्च, 2020 को देश में राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस मनाया गया। यह दिवस भारतीय सुरक्षा बलों के काम का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है। इसमें सभी सुरक्षाकर्मी, पुलिसकर्मी, अर्धसैनिक बल, गार्ड, कमांडो, सेना के अधिकारी आदि शामिल हैं।

▪️ उद्देश्य :

नेशनल सेफ्टी डे/सप्ताह मनाने के लिए देशभर में कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है जिसमें लोगों को दुर्घटनाओं से बचाव, ड्राइविंग के रूल्स और तरीके बताकर उन्हें खुद के साथ दूसरों की सुरक्षा के लिए भी जागरुक किया जाता है। वैसे राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस देश की सीमा पर तैनात सिपाहियों और सिक्योरिटी विभाग को समर्पित होता है जिनके देश की सीमाएं और हम सुरक्षित हैं।

▪️ मुख्य बिंदु:

• राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस को सुरक्षा बलों को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। इस दिवस के द्वारा नागरिकों को देश के प्रति उनके मौलिक कर्तव्यों के बारे में स्मरण करवाया जाता है। इस दिवस पर देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले सुरक्षा जवानों को श्रद्धांजलि दी जाती है।
• सुरक्षा कर्मचारी विभिन्न प्रकार की सुरक्षा जैसे कि राजनीतिक, पारिस्थितिक, आर्थिक, कंप्यूटर, इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्राकृतिक संसाधनों के लिए जिम्मेदार हैं।
• राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस हर साल 4 मार्च को मनाया जाता है क्योंकि, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की स्थापना इसी दिन की गई थी।

▪️ राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद :

सुरक्षा परिषद भारत की आर्थिक, राजनीतिक और सामरिक सुरक्षा चिंताओं पर विश्लेषण करती है। इसकी स्थापना 1998 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने की थी।

रोड सेफ्टी साइन्स इल्स्ट्रेशन शो करते हुए (National Safety Day 2021) दूसरों के साथ अपनी खुद की सुरक्षा भी बेहद जरूरी है। लोगों के बीच में इसी जागरुकता को बढ़ाने के मकसद से हर साल 4 मार्च को भारत में राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस /सप्ताह मनाया जाता है।

भारत में सेफ्टी दिवस/सप्ताह मार्च में मनाया जाता है। सुरक्षा जागरुकता कार्यक्रम के द्वारा दुर्घटना से कैसे बचा जाए इसके बारे में लोगों को जागरुक बनाने के लिये पूरे उत्साह के साथ इसे मनाया जाता है। लेकिन आखिर कैसे इस दिन को मनाने का आइडिया आया, कैसे हुई इसकी शुरुआत और हर साल क्यों अलग रखा जाता है।

▪️ इतिहास :

इस दिन को मनाने की पहल नेशनल सेफ्टी काउंसिल द्वारा ही की गई थी। 4 मार्च को भारत में नेशनल सेफ्टी काउंसिल की स्थापना हुई थी, तभी से इस दिन को नेशनल सेफ्टी डे के रूप में मनाया जाने लगा। नेशनल सेफ्टी काउंसिल एक फ्री बॉडी है जो सार्वजनिक सेवा के लिए गैर सरकारी और गैर लाभकारी संगठन के रूप में कार्य करता है। इस संगठन की स्थापना साल 1966 में मुंबई सोसायटी अधिनियम के तहत हुई थी, जिसमें आठ हजार सदस्य शामिल थे। इसके बाद साल 1972 में इस संगठन द्वारा नेशनल सेफ्टी दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। जिसके बाद इसे नेशनल सेफ्टी डे की जगह नेशनल सेफ्टी सप्ताह के रूप में मनाया जाने लगा।

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