Thursday, April 15, 2021

अफ्रीका महाद्वीप Africa Continent

अफ्रीका महाद्वीप ( Africa Continent )

अफ्रीका की स्थिति ग्‍लोब में केन्‍द्रीय है।

अफ्रीका विश्‍व का दूसरा बड़ा महादेश है।

इसका क्षेत्रफल- 30,313,000 वर्ग किमी. है।

इसका विस्‍तार 370 उत्‍तरी अक्षांश से 350 दक्षिणी अक्षांश तथा 180 पश्चिमी देशान्‍तर से 510 पूर्वी देशान्‍तर तक है।

भूमध्‍य रेखा अफ्रीका के लगभग मध्‍य से गुजरती है तथा कर्क एवं मकर रेखाएं भी क्रमश: उत्‍तर तथा दक्षिण से गुजराती हैं।

अफ्रीका की अधिकतम लम्‍बाई उत्‍तर से दक्षिण लगभग 8500 किमी. तथा अधिकतम चौड़ाई पूर्व से पश्चिम 7400किमी. हैं।

अफ्रीका की अधिकतर भाग उष्‍ण कटिबन्‍ध में है। यह विश्‍व का सर्वाधिक उष्‍ण महादवीप है।

अफ्रीका का 2/3 भाग उत्‍तरी गोलार्द्ध में तथा 1/3 भाग ही दक्षिणी गोलार्द्ध में स्थित है। अफ्रीका की आकृति षटभुजाकार है।

अफ्रीका को विश्‍व का काला महादेश (Dark Continent) भी कहा जाता है।

अफ्रीका को पठारों का महाद्वीप भी कहा जाता है।

नीग्रीटो अफ्रीका के मूल निवासी थे।

अफ्रीका में यूरोप से आने वाली काकेशियन प्रजाति को हमेटी या बारबर तथा अरबवासियों को समेटी नाम दिया गया।

सहारा के दक्षिण में नीग्रो नामक मूल प्रजाति निवास करती थी।

काकेशियन (हमेटी) एवं नीग्रो के सम्‍पर्क के कारण ‘फुलानी’ एवं हौसा नामक वर्ण संकर प्रजातियों का जन्‍म हुआ।

जंजीबार एवं पेम्‍बा नीग्रो दासों के प्रमुख केन्‍द्र थे।

अफ्रीका में कुल 54 देश हैं।

क्षेत्रफल की दृष्टि से अफ्रीका का सबसे बड़ा देश सूडान है।

जनसंख्‍या की दृष्टि से अफ्रीका का सबसे बड़ा देश नाइजीरिया है।

अफ्रीका के श्रृंग से बसने वाले देश हैं – इथोपिया, सोमालिया एवं जीबूती।

अफ्रीका यूरोप से जिब्राल्‍टर जल संधि द्वारा अलग है।

अफ्रीका एशिया से बाब-एल-मंदेब जलसंधि तथा स्‍वेज नहर द्वारा अलग है।

लगभग सम्‍पूर्ण अफ्रीका पठार है।

अफ्रीका का पूर्वी भाग पर ही सर्वोच्‍च शिखर किलिमंजारो पर्वत (5895 मी.) स्थित है। यह वर्ष भर हिम से ढ़का रहता है। अफ्रीका के उत्‍तर पश्चिमी भाग में एटलस (नवीन मोडदार पर्वत) स्थित है जो वास्‍तव में आल्‍पस पर्वतों की श्रृंखला का भाग है।

एटलस पवर्त की कई श्रृंखलाए हैं – रीफ एटलस, ग्रेट एटलस, ऐन्‍टी एटलस एवं सहारा एटलस।

अफ्रीका के दक्षिणी पूर्वी तट के सहारे ड्रेकेन्‍सवर्ग पर्वत स्थित है।

अफ्रीका में मालवी झील के दक्षिण से उत्‍तर में लाल सागर, स्‍वेज की खाड़ी और अकाबा की खाड़ी से होते हुए मृत सागर तक भू-भंश घाटियों की लम्‍बी श्रृंखला है जिसे महान भू-भ्रंश घाटी कहते हैं।

न्‍यासा एवं टंगानिका झीलें दरार में स्थित हैं। अफ्रीका की सबसे बड़ी झील विक्‍टोरिया झील है।

विक्‍टोरिया झील बेसिन से घिरी झील है।

संसार की सबसे लम्‍बी नदी नील(6690 किमी.) है जो बुरूंड़ी के उच्‍च पठार से निकलकर विक्‍टोरिया झील होते हुए सहारा रेगिस्‍तान पार कर भूमध्‍यसागर में गिर जाती है।

अफ्रीका की दूसरी मुख्‍य नदी जायरे है जो मध्‍य अफ्रीका में बहती है।

जायरे नदी ही अपने अंतिम भाग में कांगो नदी के रूप में जानी जाती है।

जायरे नदी अफ्रीका की नदियों में सबसे अधिक जल बहाकर लाती है और अटलांटिक महासागर में एश्‍चुयरी बनाकर गिरती है।

पश्चिमी भाग में नाइजर तथा दक्षिणी भाग में जेंबेंजी और आरेंज अन्‍य प्रमुख नदियॅा हैं।

केवल नील और जायरे नदियां ही नाव या स्‍टीमर चलाने योग्‍य हैं।

जेम्‍बेजी नदी पर स्थित विक्‍टोरिया प्रपात उत्‍तरी अमेरिका के न्‍याग्रा प्रपात से भी ऊंचा और चौड़ा है।

अफ्रीका का 1/3 भाग मरूस्‍थल है।

संसार का सबसे बड़ा मरूस्‍थल सहारा (84,00,000 वर्ग किमी.) है जो उत्‍तरी अफ्रीका में स्थित है।

दक्षिणी अफ्रीका में कालाहारी दूसरा प्रमुख मरूस्‍थल है।

अफ्रीका में विश्‍व सबसे गर्म स्‍थल अल-अजीजीया है जो लीबिया में स्थित है। यहां का उच्‍चतम तापमान 580 से दर्जकिया गया है।

अफ्रीका के उष्‍ण कटिबन्‍धीय लम्‍बी और मोटी घास के क्षेत्र को सवाना कहा जाता है।

अफ्रीका के शीतोष्‍ण घास मैदान को वेल्‍ड कहते हैं।

अफ्रीका के उत्‍तरी और दक्षिणी तटीय प्रदेशों में भूमध्‍यसागरीय जलवायु पायी जाती है जहां जाड़े में वर्षा होती है।

अफ्रीका की केवल 10 प्रतिशत भूमि की कृषि योग्‍य है।

अफ्रीका में जेम्‍बेजी नदी पर बने करीबा बांध से सबसे अधिक जल विद्युत पैदा की जाती है।

नील नदी पर स्थित अस्‍वान बांध (मिल) अफ्रीका का दूसरा प्रमुख बांध है।

अफ्रीका का सम्‍भाव्‍य जल विद्युत संसार में सबसे अधिक है।

संसार में सोना, हीरा और प्‍लेटिनम के उत्‍पादन में अफ्रीका का पहला स्‍थान है।

संसार में सोना, हीरा और प्‍लेटिनम के उत्‍पादन में अफ्रीका का पहला स्‍थान है।


हीरे की प्रमुख खाने हैं – किम्‍बरले, प्रीटोरिया, बक्‍वांगा।

जायरे विश्‍व में सर्वाधिक हीरा उत्‍पादक देश है।

प्रीटोरिया स्थित प्रीमियर खान हीरे की सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण खान है। यहीं से 1905 में विश्‍व प्रसिद्ध कुलीनान हीरा (3025.75 कैरेट) प्राप्‍त किया गया था।

दक्षिण अफ्रीका स्थित किम्‍बरले खान विश्‍व की सबसे बड़ी हीरे की खान है।

हीरा तराशने का कार्यजोहांसबर्ग, केपटाउन और डरबन में होता है।

दक्षिण अफ्रीका विश्‍व का वृहत्‍तम स्‍वर्णउत्‍पादक देश है।

दक्षिण अफ्रीका की अर्थव्‍यवस्‍था का आधार सोना ही है।

ट्रांसवाल क्षेत्र (विटसवार्टस रेंड) विश्‍व का प्रमुख स्‍वर्ण उत्‍पादक देश है।

जोहान्‍सबर्ग विश्‍व का प्रमुख स्‍वर्ण उत्‍पादक नगर है।

दक्षिण अफ्रीका के ट्रांसवाल क्षेत्र का रूस्‍तनवर्ग जनपद विश्‍व में प्‍लेटिनम उत्‍पादन में प्रमुख है।

विश्‍व में सबसे अधिक क्रोमियम दक्षिण अफ्रीका में निकाला जाता है।

अफ्रीका में लौह और कोयले का अभाव है।

अफ्रीका में कोबाल्‍ट, मैगनीज, टिन, बाक्‍साइड यूरेनियम और ताम्‍बे के विशाल भण्‍डार है।

जायरे के कटंगा के शीबा प्रान्‍त में ताम्‍बा और हीरे की पेटी स्थित है।

अफ्रीका में सर्वाधिकबाक्‍साइड गिनी में उतपन्‍न किया जाता है, इसका विश्‍व उत्‍पादन में दूसरा स्‍थान है।

अफ्रीका में सर्वाधिक बाक्‍साइड चाय उत्‍पन्‍न करने वाला देश कीनिया है।

अफ्रीका में सर्वाधिक खनिज तेल उत्‍पादक देश, नाइजीरिया, लीबिया और अंगोला है।

अफ्रीका में सर्वाधिक मैगनीज उत्‍पादक देश गेबोन है।

अफ्रीका में रॉक उत्‍पादक देश है – मोरक्‍को।

अफ्रीका में नारियल सर्वाधिक जंजीबार, पेम्‍बा तथा तंजानिया के तटीय भाग में मिलते है।

नाइजीरिया ताड़ तेल के उत्‍पादन में अफ्रीका देश नाइजीरिया तथा घाना का प्रमुख स्‍थान है।

कोको, कैको वृक्ष से प्राप्‍त किया जाता है जो कहवे के समान लोकप्रिय पेय है।

कहवा का जन्‍म स्‍थान –इथोपियाका काफा प्रान्‍त माना जाता है।

कोको से चाकलेट भी बनायी जाती है।

विश्‍व में सर्वाधिक कोको आइवरी कोस्‍ट में उत्‍पादित की जाती है।

कोला वृक्षके फल से कई प्रकार के कोला पेय तथा चुइंगम भी बनाया जाता है।

उष्‍ण कटिबंधीय अफ्रीका में केला, अनन्‍नास, पपीता, कटहल ओर आम के वृक्ष खूब हैं।

भूमध्‍यसागरीय प्रदेश में जैतून, सेब, नारंगी, नाशपाती और अंगूर पैदा किये जाते है।

अफ्रीका के पूवी भाग में काजू पैदा किया जाता हैं।

जंजीबार और पेम्‍बाद्वीप संसार में सबसे अधिक लौंग उत्‍पादन करते है।

अफ्रीका की अधिकतर खाद्य फसलें कंदमूल है जिनमें रतालु और कसावा प्रमुख हैं।

कसावा का सर्वाधिक उत्‍पादक देश जाय‍रे है।

मक्‍का और ज्‍वार अफ्रीका के प्रमुख अनाज हैं जो दक्षिण अफ्रीका और नाइजीरिया में उगाये जाते है।

अफ्रीका में कपास मिस्‍त्र के नील नदी में उगाई जाती है।

तंजानिया सिसल के उत्‍पादन में सर्व प्रमुख है।

सिसल एक प्रकार का वानस्‍पतिक रेशा है जिससे बोरियां और रस्सियां बनाई जाती हैं।

अफ्रीका संसार में सिसल का सबसे बड़ा निर्यातक है।

मूंगफली के उत्‍पादन में नाइजीरिया का अफ्रीका में प्रथम स्‍थान है।

नाइजर नाइजीरिया की प्रमुख नदी है जो गिनी की खाड़ी में गिरती है।

नाइजर नदी पर ही कैंजी बांध बनाया गया है।  

नाइजीरिया के जोस पठार में टिन, कोलंबाइट, लोहा, सीसा, जस्‍ता, मैगनीज और चूना पत्‍थर के विशाल भंडार है

पश्चिमी अफ्रीका में नाइजीरिया में नाइजीरिया एक मात्र कोयला उत्‍पादक देश है।

खमसि सहारा की ओर से मिस्‍त्र में गर्मी में चलने वाली शुष्‍क और धूलभरी हवायें हैं।

हरमट्टन – गिनी की खाड़ी में उत्‍तर-पूर्व से चलने वाली गर्म और धूल भरी हवायें, इसे ‘डाक्‍टर विन्‍ड’ कहते है। मिस्‍त्र के किसान को फैल्‍लाह कहते हैं।

मिस्‍त्र की मुख्‍य नकदी फसल कपास है।

मिस्‍त्र का सिनाई प्रायद्वीप तथा लाल सागर तटवर्ती भाग खनिज तेल के उत्‍पादन का क्षेत्र हैं।

मिस्‍त्र की राजधानी कैरो (अलकाहिरा) अफ्रीका महाद्वीप का सबसे बड़ा नगर है।

विश्‍व प्रसद्धि पिरामिड तथा स्फिंक्‍स काहिरा के निकट ही पाये जाते है।

पिरामिड मिस्‍त्र के राजाओं के मकबरे थे।

स्फिंक्‍स – पौराणिक कथाओं में वर्णित ए‍क जानवर है जिसका शरीर सिंह का और सिर मनुष्‍य का है।

स्‍वेज नहर सिनाई प्रायदवीप को काटकर बनाई गई है जो लाल सागर और भूमध्‍यसागर को जोड़ती है।

सवेज नहर के भूमध्‍यसागरीय तट पर पोर्ट सईद बन्‍दरगाह है तथा लाल सागरीय तट पर स्‍वेज बन्‍दरगाह है।

स्‍वेज नहर का निर्माण 1869 में हुआ है। इसके निर्माण से बम्‍बई और लंदन के बीच 7000 किमी. दूरी की बचत हुई है।

स्‍वेज नहर की लम्‍बाई 162 किमी. है जिसे पार करने में 10-12 घंटे का समय लगता है।

काहिरा मिस्‍त्र का प्रमुख अंतरार्ष्‍टीय हवाई अड्डा है।

दक्षिण अफ्रीका को सोने और हीरों का देश कहा जाता है।

र्डेकेन्‍सवर्गपर्वत दक्षिण अफ्रीका के पूर्वी भाग में Online Quiz ADDA™ ✍:
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हीरे की प्रमुख खाने हैं – किम्‍बरले, प्रीटोरिया, बक्‍वांगा।

जायरे विश्‍व में सर्वाधिक हीरा उत्‍पादक देश है।

प्रीटोरिया स्थित प्रीमियर खान हीरे की सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण खान है। यहीं से 1905 में विश्‍व प्रसिद्ध कुलीनान हीरा (3025.75 कैरेट) प्राप्‍त किया गया था।

दक्षिण अफ्रीका स्थित किम्‍बरले खान विश्‍व की सबसे बड़ी हीरे की खान है।

हीरा तराशने का कार्यजोहांसबर्ग, केपटाउन और डरबन में होता है।

दक्षिण अफ्रीका विश्‍व का वृहत्‍तम स्‍वर्णउत्‍पादक देश है।

दक्षिण अफ्रीका की अर्थव्‍यवस्‍था का आधार सोना ही है।

ट्रांसवाल क्षेत्र (विटसवार्टस रेंड) विश्‍व का प्रमुख स्‍वर्ण उत्‍पादक देश है।

जोहान्‍सबर्ग विश्‍व का प्रमुख स्‍वर्ण उत्‍पादक नगर है।

दक्षिण अफ्रीका के ट्रांसवाल क्षेत्र का रूस्‍तनवर्ग जनपद विश्‍व में प्‍लेटिनम उत्‍पादन में प्रमुख है।

विश्‍व में सबसे अधिक क्रोमियम दक्षिण अफ्रीका में निकाला जाता है।

अफ्रीका में लौह और कोयले का अभाव है।

अफ्रीका में कोबाल्‍ट, मैगनीज, टिन, बाक्‍साइड यूरेनियम और ताम्‍बे के विशाल भण्‍डार है।

जायरे के कटंगा के शीबा प्रान्‍त में ताम्‍बा और हीरे की पेटी स्थित है।

अफ्रीका में सर्वाधिकबाक्‍साइड गिनी में उतपन्‍न किया जाता है, इसका विश्‍व उत्‍पादन में दूसरा स्‍थान है।

अफ्रीका में सर्वाधिक बाक्‍साइड चाय उत्‍पन्‍न करने वाला देश कीनिया है।

अफ्रीका में सर्वाधिक खनिज तेल उत्‍पादक देश, नाइजीरिया, लीबिया और अंगोला है।

अफ्रीका में सर्वाधिक मैगनीज उत्‍पादक देश गेबोन है।

अफ्रीका में रॉक उत्‍पादक देश है – मोरक्‍को।

अफ्रीका में नारियल सर्वाधिक जंजीबार, पेम्‍बा तथा तंजानिया के तटीय भाग में मिलते है।

नाइजीरिया ताड़ तेल के उत्‍पादन में अफ्रीका देश नाइजीरिया तथा घाना का प्रमुख स्‍थान है।

कोको, कैको वृक्ष से प्राप्‍त किया जाता है जो कहवे के समान लोकप्रिय पेय है।

कहवा का जन्‍म स्‍थान –इथोपियाका काफा प्रान्‍त माना जाता है।

कोको से चाकलेट भी बनायी जाती है।

विश्‍व में सर्वाधिक कोको आइवरी कोस्‍ट में उत्‍पादित की जाती है।

कोला वृक्षके फल से कई प्रकार के कोला पेय तथा चुइंगम भी बनाया जाता है।

उष्‍ण कटिबंधीय अफ्रीका में केला, अनन्‍नास, पपीता, कटहल ओर आम के वृक्ष खूब हैं।

भूमध्‍यसागरीय प्रदेश में जैतून, सेब, नारंगी, नाशपाती और अंगूर पैदा किये जाते है।

अफ्रीका के पूवी भाग में काजू पैदा किया जाता हैं।

जंजीबार और पेम्‍बाद्वीप संसार में सबसे अधिक लौंग उत्‍पादन करते है।

अफ्रीका की अधिकतर खाद्य फसलें कंदमूल है जिनमें रतालु और कसावा प्रमुख हैं।

कसावा का सर्वाधिक उत्‍पादक देश जाय‍रे है।

मक्‍का और ज्‍वार अफ्रीका के प्रमुख अनाज हैं जो दक्षिण अफ्रीका और नाइजीरिया में उगाये जाते है।

अफ्रीका में कपास मिस्‍त्र के नील नदी में उगाई जाती है।

तंजानिया सिसल के उत्‍पादन में सर्व प्रमुख है।

सिसल एक प्रकार का वानस्‍पतिक रेशा है जिससे बोरियां और रस्सियां बनाई जाती हैं।

अफ्रीका संसार में सिसल का सबसे बड़ा निर्यातक है।

मूंगफली के उत्‍पादन में नाइजीरिया का अफ्रीका में प्रथम स्‍थान है।

नाइजर नाइजीरिया की प्रमुख नदी है जो गिनी की खाड़ी में गिरती है।

नाइजर नदी पर ही कैंजी बांध बनाया गया है।  

नाइजीरिया के जोस पठार में टिन, कोलंबाइट, लोहा, सीसा, जस्‍ता, मैगनीज और चूना पत्‍थर के विशाल भंडार है

पश्चिमी अफ्रीका में नाइजीरिया में नाइजीरिया एक मात्र कोयला उत्‍पादक देश है।

खमसि सहारा की ओर से मिस्‍त्र में गर्मी में चलने वाली शुष्‍क और धूलभरी हवायें हैं।

हरमट्टन – गिनी की खाड़ी में उत्‍तर-पूर्व से चलने वाली गर्म और धूल भरी हवायें, इसे ‘डाक्‍टर विन्‍ड’ कहते है। मिस्‍त्र के किसान को फैल्‍लाह कहते हैं।

मिस्‍त्र की मुख्‍य नकदी फसल कपास है।

मिस्‍त्र का सिनाई प्रायद्वीप तथा लाल सागर तटवर्ती भाग खनिज तेल के उत्‍पादन का क्षेत्र हैं।

मिस्‍त्र की राजधानी कैरो (अलकाहिरा) अफ्रीका महाद्वीप का सबसे बड़ा नगर है।

विश्‍व प्रसद्धि पिरामिड तथा स्फिंक्‍स काहिरा के निकट ही पाये जाते है।

पिरामिड मिस्‍त्र के राजाओं के मकबरे थे।

स्फिंक्‍स – पौराणिक कथाओं में वर्णित ए‍क जानवर है जिसका शरीर सिंह का और सिर मनुष्‍य का है।

स्‍वेज नहर सिनाई प्रायदवीप को काटकर बनाई गई है जो लाल सागर और भूमध्‍यसागर को जोड़ती है।

सवेज नहर के भूमध्‍यसागरीय तट पर पोर्ट सईद बन्‍दरगाह है तथा लाल सागरीय तट पर स्‍वेज बन्‍दरगाह है।

स्‍वेज नहर का निर्माण 1869 में हुआ है। इसके निर्माण से बम्‍बई और लंदन के बीच 7000 किमी. दूरी की बचत हुई है।

स्‍वेज नहर की लम्‍बाई 162 किमी. है जिसे पार करने में 10-12 घंटे का समय लगता है।

काहिरा मिस्‍त्र का प्रमुख अंतरार्ष्‍टीय हवाई अड्डा है।

दक्षिण अफ्रीका को सोने और हीरों का देश कहा जाता है।

र्डेकेन्‍सवर्गपर्वत दक्षिण अफ्रीका के पूर्वी भाग में

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