Saturday, April 17, 2021

ALPAPRAN- MAHAPRAN VYANJAN अल्पप्राण और महाप्राण व्यंजन

ALPAPRAN- MAHAPRAN
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अल्पप्राण और महाप्राण

उच्चारण के अनुसार व्यंजनों को दो भागों में बांटा गया हैं : 
(1) अल्पप्राण
(2) महाप्राण

अल्पप्राण व्यंजन

ऐसे व्यंजन जिनको बोलने में कम समय लगता है और बोलते समय मुख से कम वायु निकलती है उन्हें अल्पप्राण व्यंजन (Alppran) कहते हैं। इनकी संख्या 20 होती है।

क ग ङ
च ज ञ
ट ड ण ड़
त द न
प ब म
य र ल व

इसमें 
क वर्ग का पहला, तीसरा, पाँचवा अक्षर
च वर्ग का पहला, तीसरा, पाँचवा अक्षर
ट वर्ग का पहला, तीसरा, पाँचवा अक्षर
त वर्ग का पहला, तीसरा, पाँचवा अक्षर
चारों अन्तस्थ व्यंजन - य र ल व
एक उच्छिप्त व्यंजन - ङ

वर्ग का 1,3,5 अक्षर - अन्तस्थ - एक द्विगुण या उच्छिप्त
ऐसे व्यंजन जिनको बोलने में अधिक प्रत्यन करना पड़ता है और बोलते समय मुख से अधिक वायु निकलती है। उन्हें महाप्राण व्यंजन (Mahapran) कहते हैं। इनकी संख्या 15 होती है।

ख घ
छ झ
ठ ढ
थ ध
श ष स ह

च वर्ण का दूसरा, चौथा अक्षर
ट वर्ण का दूसरा, चौथा अक्षर
त वर्ण का दूसरा, चौथा अक्षर
प वर्ण का दूसरा, चौथा अक्षर

याद रखने का आसान तरीका :-
वर्ग का 2, 4 अक्षर - उष्म व्यंजन - एक उच्छिप्त व्यंजन|

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