Sunday, April 18, 2021

List of famous Jain Muni jain sant jain aacharya जैन धर्म के महान मुनि संत आचार्यो की सूची

शिव मुनि (जैन आचार्य)

श्रमण संघ के चतुर्थ पट्टधर आचार्य

डॉ.शिव मुनि जी जैन श्रमण संघ के चतुर्थ पट्टधर आचार्य है।शिवमुनि ने भारतीय धर्मों में (मुक्ति की अवधारणा-विशेष जैन धर्म सदर्भ में' )विषय पर पाँच वर्षों तक शोध किया। उन्हें पीचडी की उपाधि मिल गई।शिव मुनि जी महाराज ध्यानयोगी हैैं। उनके अध्यात्म का मुख्य विषय ध्यान है।


2  तुलसी (जैन संत)


 आचार्य तुलसी (२० अक्टूबर १ ९ १४ - २३ जून १ ९९ जैन) जैन धर्म के श्वेताम्बर तेरापंथ के नवें आचार्य थे।  वे अणुव्रत और जैन विश्व भारती विश्वविद्यालय के प्रवर्तक हैं और १०० से भी अधिक पुस्तकों के लेखक हैं।  सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने अपनी पुस्तक "लिविंग विद पर्पज" में उन्हें विश्व के 1५ महान लोगों में शामील किया है।  उन्हें भारत के पूर्व राष्ट्रपति वी। वी। गिरि ने १ ९ एक १ में एक कार्यक्रम में "युग-प्रधान" की उपाधि से विभक्त किया।

जन्म और परिवार

अणुव्रत अनुशास्ता युगप्रधाना आचार्य श्री तुलसी का जन्म १९१४ में कार्तिक शुक्ल द्वितीया को लाडनूंराजस्थानभारत में हुआ। उनके पिता का नाम झुमरलाल खट्टड़ और माँ का नाम वंदना था। उन्होंने आठ वर्ष की आयु में विद्यालय जाना आरम्भ किया।। उनके पाँच भाई तथा तीन बहेने थी जिन में वे साबसे छोटे थे। उनके बड़े भाई चम्पालालजी पहले ही मुनि बन गए थे। उनके पारिवारिक लोग सहज धर्मानुरागी थे। वदनांजी की विशेष प्रेरणा-स्वरूप घर के सभी बच्चे सत्संग आदि में आया करते थे। उनके मन में बचपन से ही सत्संग व साधु-चर्या के प्रति अनुराग था। अष्टमाचार्य श्री कालूगणी का आगमन लाडनूं मे हुआ। पूज्य श्री कालूगणी के दिव्य प्रवचन तथा व्यक्तित्व ने बालक तुलसी के पुर्व अर्जित संस्कारो को जागृत कर दिया। उनके मन में मुनि-जीवन के प्रति अनुराग उत्पन्न हुआ।

3 आचार्य महाप्रज्ञ