Friday, April 16, 2021

भारत के झील सम्बन्धी महत्त्वपूर्ण तथ्य

भारत के झील सम्बन्धी महत्त्वपूर्ण तथ्य

कश्मीर की वूलर झील झेलम नदी पर बनी गोखुर झील है. यह भारत की मीठे पानी की सबसे बड़ी झील है.

चिल्का झील खारे पानी की भारत की सबसे बड़ी झील है. इस लैगून झील में नौसेना का प्रशिक्षण केंद्रभी है.

ज्वालामुखी क्रिया द्वारा निर्मित महाराष्ट्र के बुलढाना की लोनार झील एक क्रेटर झील है.

उकाई (गुजरात) ताप्ति नदी पर स्थित मानव निर्मित झील है.

स्टेनले जलाशय तमिलनाडु में कावेरी नदी पर बने मेट्टूर बाँध के पीछे बनी झील है.

बेम्बनाड झील (केरल) में वेलिंग्टन द्वीप है जहाँ पर नौकायान प्र्तियोगताएँ भी होती हैं.

राणाप्रताप सागर जवाहर सागर (राजस्थान) एवं गांधी सागर (मध्य प्रदेश) चम्बल नदी पर स्थित झीलें हैं.

गोविन्द वल्लभ पन्त सागर (उत्तर प्रदेश एवं छत्तीसगढ़) सोन की सहायक नदी रिहंद पर बनाई गई झील है.

पेरियार झील एक कृत्रिम झील है.

लोकटक झील (मणिपुर) मीठे पानी की पूर्वोत्तर भारत की सबसे बड़ी झील है. इस झील में “किबुललामजाओ” नामक तैरता हुआ राष्ट्रीय पार्क है.

राष्ट्रीय झील संरक्षण परियोजना का आरम्भ केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय द्वारा जून, 2001 में किया गया था.

भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झील गोविन्द सागर झील है. यह पंजाब के रोपड़ जिले में सतलज नदी पर स्थित भाखड़ा-नांगल परियोजना के तहत बने बाँध से निर्मित हुआ है.

साम्भर एवं डीडवाना लार मरुस्थल के पूर्वी सिरे पर खारे पानी की झीलें हैं. साम्भर झील बौलसन एवं डीडवाना झील प्लाया का उदाहरण है.

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