Monday, April 26, 2021

Chemistry Short Questions

Chemistry Short Questions ⭕️ 
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■ बैंगन को काटने पर वो तुरंत काले रंग का क्यों हो जाता है?

Ans: जब बैंगन को काटा जाता है तो उसकी सतह गहरे भूरे रंग की होने लगती है। यह एंजाइम के कारण होता है बैंगन को काटने पर एंजाइम सतह पर हवा के संपर्क में आती है। जिसके कारण ऑक्सीकरण की क्रिया होती है और सतह का रंग गहरा भूरा हो जाता है। इसी प्रकार सेव को काट कर खुला रखने पर भी रंग परिवर्तन होता है।

■ नमक में आयोडीन की पहचान कैसे की जाती है?

Ans: डॉक्टर हमें आयोडीन युक्त नमक खाने की सलाह देते हैं। नमक में आयोडीन है या नहीं? इसकी उपस्थिति का पता लगाने के लिये नमक के घोल में स्टार्च डालते हैं। यदि स्टार्च डालने पर घोल का रंग गाढ़ा नीला हो जाता है तो यह आयोडीन की उपस्थिति को दर्शाता है।

■ वर्षा काल में नमक, पापड़, पुस्तकें आदि नम क्यों हो जाती है?

Ans: वर्षाकाल में वायु में जलवाष्प की मात्रा अधिक होती है। वायु में जलवाष्प की मौजूदगी आर्द्रता कहलाती है। वायु में मौजूद इसी नमी को सोखकर ये वस्तुएं नम हो जाती है।

■ कांच कैसे बनाया जाता है?

Ans: सर्वप्रथम कांच का निर्माण प्राचीन काल में मिस्र (Egypt) में हुआ था। कांच विभिन्न क्षारीय धातुओं के सिलिकेटों का एक अक्रिस्टलीय पारदर्शक या अल्प पारदर्शक समांगी मिश्रण होता है। साधारण कांच बनाने के लिए सिलिका, विरंजक पदार्थ, क्षारीय धातु के ऑक्साइड, कैल्सियम ऑक्साइड आदि पदार्थों की आवश्यकता पड़ती है। इन सभी पदार्थों में आपस में पीसकर चूर्ण में परिवर्तित करके भट्टियों में पिघलाया जाता है। जब चूर्ण पिघलकर द्रव अवस्था में परिणत हो जाता है, तो उसे द्रव कांच (Liquid Glass) कहते हैं। इस द्रव कांच को बर्तन बनाने वाले विभिन्न सांचों में डालकर धीरे-धीरे ठंडा किया जाता है। अतः अक्रिस्टलीय ठोस रूप में कांच एक अतिशीतित द्रव है।

कांच का अनीलीकरण (Annealing of Glass): कांच की बर्तन बनाने वाले विभिन्न सांचों में डालकर धीरे-धीरे शीतलन करने की प्रक्रिया को कांच का अनीलीकरण अथवा कांच का तापानुशीतलन कहते हैं।

■ मिट्टी के बर्तन में पानी ठंडा क्यों रहता है?

Ans: जब किसी तरल पदार्थ का तापमान बढ़ता है तो भाप बनती है। भाप के साथ तरल पदार्थ की ऊष्मा भी बाहर जाती है। इससे तरल पदार्थ का तापमान कम रहता है। मिट्टी के बर्तन में रखा पानी उस बर्तन में बने असंख्य छिद्रों के सहारे बाहर निकल कर बाहरी गर्मी में भाप बनकर उड़ जाता है और अंदर के पानी को ठंडा रखता है। बरसात में वातावरण में आर्द्रता ज्यादा होने के कारण भाप बनने की यह क्रिया धीमी पड़ जाती है, इसलिए बरसात में यह असर दिखाई नहीं पड़ता।

■ क्या कारण है कि कच्चे हरे फल पकने पर पीले दिखाई देते हैं ?

Ans: फलों के पकने की प्रक्रिया उनके स्वाद, खुशबू और रंग में भी बदलाव लाती है। यह उनकी आंतरिक रासायनिक क्रिया के कारण होता है। ज्यादातर फल मीठे और नरम हो जाते हैं और बाहर से उनका रंग हरे से बदल कर पीला, नारंगी, गुलाबी और लाल हो जाता है। फलों के पकने के साथ उनमें एसिड की मात्रा बढ़ती है, पर इससे खट्टापन नहीं बढ़ता, क्योंकि साथ-साथ उनमें निहित स्टार्च शर्करा में तबदील होता जाता है। फलों के पकने की प्रक्रिया में उनके हरे रंग में कमी आना, चीनी की मात्रा बढ़ना और मुलायम होना शामिल है। रंग का बदलना क्लोरोफिल के ह्रास से जुड़ा है। साथ ही फल के पकते-पकते नए पिंगमेंट भी विकसित होते जाते हैं।

■ कोहरा कैसे बनता है?

Ans: सर्दियों की रात्रि में जब बादल नहीं होते है तब पृथ्वी की सतह अत्यधिक ठंडी हो जाती है तथा वायु में उपस्थित जल वाष्प संघनित होकर कणों के रूप में एकत्र हो जाती है व वातावरण घना हो जाता है| जिस कारण सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक आसानी से नहीं पहुँच पाता है और कुछ दूरी की वस्तु भी साफ़ दिखाई नहीं देती है। इसी स्थिति को कोहरा कहते है।

■ राजस्थान में सांभर झील के जल से नमक का उत्पादन कैसे किया जाता है?

Ans: समुद्र या झीलों के नमक युक्त जल से नमक को पृथक करने में वाष्पीकरण के गुण का उपयोग होता है। छोटी-छोटी क्यारियाँ बनाकर उनमें जल भर देते है। क्यारियों की सतह से सूर्य के ताप से जल तो वाष्प बनकर हवा में मिल जाता है तथा नमक शेष रह जाता है।

■ मोमबत्ती जब जलती है तो मोम पिघल कर बहने क्यों लगता है?

Ans: जब मोमबत्ती को जलाया जाता है तो उष्मा पाकर मोम के अणु दूर-दूर हो जाते है क्योंकि उष्मा अणुओ के मध्य लगने वाले आकर्षण बल को कमजोर कर देता है जिससे अणु गति करने के लिये स्वतन्त्र हो जाते है तथा वह द्रव अवस्था में आ जाने से पिघलकर बहने लगता है।

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