Sunday, April 18, 2021

जैन धर्म के शुभ सपने कल्पसूत्र के अनुसार jain dharm ke shubh sapne jain Granth kalpsutra ke anusaar

जैन धर्म शुभ सपने कल्पसूत्र के अनुसार


 शुभ सपनों को अक्सर जैन धर्म के ग्रंथों में वर्णित किया जाता है, जो बच्चे के गुणों की भविष्यवाणी करते है।  उनकी संख्या अलग-अलग परंपराओं के अनुसार भिन्न होती है और वे अक्सर चौदह या सोलह सपनों के रूप में विवरण किए जाते हैं।  वे गुणों का वर्णन करते हैं और भविष्य के बच्चे के शासन के रूप में व्याख्या करते हैं।  वे विभिन्न कलात्मक मीडिया में एक अलंकरण के रूप में भी पाए जाते हैं।

कल्पसूत्र के अनुसार भविष्यवाणी
सपनों की संख्याभविष्यवाणी
१४ सपनेभविष्य के तीर्थंकर या चक्रवर्ती (सार्वभौमिक सम्राट) का जन्म
१४ सपनों में से ७भविष्य के वासुदेव का जन्म
१४ सपनों में से ४भविष्य के बलदेव/बलभद्र का जन्म
१४ सपनों में से १भविष्य के माण्डलिक (राजा) का जन्म


इन सपनों का कलात्मक मीडिया में प्रतीकीकरण होता हैं और ये इनमें पाया जाते हैं, जैसे कि पाण्डुलिपियों में चित्र और इसके कवर, किताबें, पत्थर के नक्काशियों में सजावट, निमंत्रण स्क्रॉल और मंदिर के फर्नीचर

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14 May 2021 Current Affairs