हरियाणा राज्य के जिलेवार प्रमुख मेले व उत्सव

अंबाला

1.     वामन द्वादशी का मेला – अंबाला में भाद्रमाह की द्वादशी के दिन लगता है।

2.     गोगा नवमी का मेला – अंबाला के केसरी में भादों माह में लगता है।

3.     शिव चैदस उत्सव – अंबाला के दुराना में फाल्गुन माह में लगता है।

4.     दुर्गाष्टमी उत्सव – अंबाला के नन्थोला में चैत्र माह की अष्टमी के दिन लगता है।

5.     शारदा देवी का मेला – अंबाला के त्रिलोकपूर में चैत्र माह में दिन लगता है।

6.     तीज का मेला – अंबाला के पंजोखेड़ा में श्रावण तृतीय (शुक्ल पक्ष) के दिन लगता है।



करनाल

1.     गोगा पीर का मेला – करनाल के खेड़ा में भाद्रमाह की नवमी के दिन लगता है।

2.     बाबा सिमरनदास का मेला – करनाल के इंद्री में अक्टूबर माह में लगता है।

3.     पांडु का मेला – करनाल के पपहाना में प्रत्येक माह में लगता है।

4.     परासर का मेला – करनाल के तरावड़ी में फरवरी माह में लगता है।

5.     छड़ियों का मेला – करनाल के अमरपुर में सितंबर माह में लगता है।

यमुनानगर

1.     कपाल मोचन का मेला – यमुनानगर के बिलासपुर में कार्तिक माह के दिन लगता है।

2.     गोपाल मोचन का मेला – यमुनानगर के जगाधरी तहसील के बिलासपुर के निकट लगता है।

3.     पंचमुखी का मेला – यमुनानगर के छछरौली में लगता है।

जींद

1.     हरकेश्वर का मेला – जींद के हाटगाँव में श्रावण माह का अंतिम रविवार को लगता है।

2.     भूतेश्वर का मेला – जींद में लगता है।

3.     शिवजी के मंदिर का उत्सव – जींद के भूरायण में श्रावण व फाल्गुन माह में लगता है।

4.     विलसर का मेला – जींद के हंसहैडर में सोमवती अमावस्या को लगता है।

5.     सच्चा सौदा का मेला – जींद के सिंहपुरा में आषाढ़ पूर्णमासी को लगता है।

6.     धमतान साहिब का मेला – जींद के धमतान में हर अमावस्या को लगता है।

7.     रागशपहद का मेला – जींद के रामराय में बैसाख व कार्तिक पूर्णिमा को लगता है।

8.     पाण्डु पिंडारा का मेला – जींद के पिंडारा में प्रत्येक अमावस्या को लगता है।


सिरसा

1.     रामदेव जी का मेला – सिरसा के गिगोरानी व कागदाना में माघ माह की दशमी (शुक्ल पक्ष) को लगता है।

2.     राधा स्वामी का मेला – सिरसा के सिकंदरपुर में मार्च व सितंबर माह में लगता है।

3.     बाबा सरसरि नाथ का मेला – सिरसा मे चैत्र माह एकम (शुक्ल पक्ष) को लगता है।

4.     बाबा भूमणशाहका मेला – सिरसा के मंगला और गोदड़वाली में मकर संक्रांति के दिन लगता है।

रेवाड़ी

1-     बाबा पीर का मेला – रेवाड़ी के धारूहेड़ा में चैत्र माह की चतुर्दशी (कृष्णपक्ष) को लगता है।

2-     बसंत पंचमी का मेला – रेवाड़ी के काठुवास में माघ पंचमी (शुक्ल पक्ष) को लगता है।

3-     शिवरात्रि का मेला – रेवाड़ी के खड़गवास में फाल्गुन माह त्रयोदशी (कृष्ण पक्ष) को लगता है।

4-     बाबा सूरज गिरी का मेला – रेवाड़ी के खोरी में चैत्र माह एकम (कृष्ण पक्ष) को लगता है।

गुरुग्राम

1.     शीतला माता का मेला – गुरुग्राम में चैत्र सप्तमी (कृष्ण पक्ष) को लगता है।

2.     बुढ़ी तीज का मेला – गुरुग्राम के आलदुर्का में भाद्रकी तीज को लगता है।

3.     शाह चोखा खोरी का मेला – गुरुग्राम के खोरी में अप्रैल-मई में लगता है।

4.     बुद्धोमाता का मेला –  गुरुग्राम के मुबारिकपपूर में मार्च को लगता है।

5.     भक्त पूर्णमल का मेला – गुरुग्राम के कासन मे भाद्र माह को लगता है।


महेंद्रगढ़

1.     बाबा केसरिया का मेला – महेंद्रगढ़ के जेरपुर पाली में भाद्रमाह सप्तमी (कृष्ण पक्ष) को लगता है।

2.     गुगा नवमी का मेला – महेंद्रगढ़ के नारनौल में भाद्रमाह (शुक्ल पक्ष) को लगता है।

3.     बाबा भिलाई बाप का मेला – महेंद्रगढ़ के नांगलगढ़ में फाल्गुन माह में लगता है।

4.     ढोसी का मेला – नारनौल में वैशाख नवमी (कृष्ण पक्ष) को लगता है।

5.     भूरा भवानी का मेला – महेंद्रगढ़ में चैत्र और आश्विन माह की नवमी को लगता है।

6.     हनुमान जी का मेला – महेंद्रगढ़ के दोचाना में चैत्र माह पूर्णिमा को लगता है।

7.     चामुण्डा का मेला – महेंद्रगढ़ के नारनौल में लगता है।

फरीदाबाद

1.     सूरजकुंड का मेला – फरीदाबाद में फरवरी माह में लगता है।

2.     कान्हा गौशला को मेला – फरीदाबाद के बहीन में फाल्गुन माह की पंचमी को लगता है।

3.     कनुआ का मेला – फरीदाबाद के गाठोता में भाद्र माह की एकादशी को लगता है।

4.     फुलडोर का मेला – फरीदाबाद के अलरचट्टा में चैत्र दितीय में लगता है।

5.     कालका का मेला – फरीदाबाद के मोहना मे चैत्रमाह की अष्टमी को लगता है।

6.     बलदेव छठ का मेला – फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में भाद्र माह की नवमी व दशमी को लगता है।

7.     बाबा उदासनाथ का मेला – फरीदाबाद के अलावपुर में फाल्गुण कृष्ण पक्ष की अमावस्या को लगता है।

मेवात

1.     शिवजी का मेला – मेवात के पुन्हाना में फाल्गुन की चतुर्दर्शी का लगता है।


कैथल

1.     वामन द्वादशी का मेला – कैथल में भाद्र की द्वादशी के दिन लगता है।

2.     पुंडरक का मेला – कैथल के पुंडरी में अप्रैल माह में लगता है।

3.     फल्गु का मेला – कैथल के फरल में सोमवती अमावस्या के दिन लगता है।

4.     देहाती मेला – कैथल में लगता है।

पानीपत

1.     माता का मेला – पानीपत के बहौली में चैत्र माह में लगता है।

2.     कलंदर की मजार का मेला – पानीपत में रमजान माह में लगता है।

3.     शिवरात्रि का मेला – पानीपत के भादड़ में फाल्गुन व श्रावण माह में लगता है।

4.     पाथरी माता का मेला – पानीपत के पाथरी में हर बुधवार को लगता है।

झज्जर

1.     बाबा गनतीदास का मेला – झज्जर के छुड़ानी में फरवरी-मार्च में लगता है।

2.     गोगा नवमी का मेला – झज्जर के आसोदा में सितंबर-अक्टूबर माह में लगता है।

3.     श्याम जी का मेला – झज्जर के दुबलधन में फाल्गुन द्वादशी को लगता है।

4.     बाबा बुढ़ा का मेला – झज्जर के बादली मे भाद्र की नवमी (कृष्ण की नवमी) को लगता है।

5.     भीमेश्वरी माता का मेला – झज्जर के बेरी नामक स्थान पर लगता है।

6.     बाबा गरीबदास का मेला – झज्जर के छुड़ानी में लगता है।

रोहतक

1.     दशहरा उत्सव – रोहतक में आश्विन मास दशमी को लगता है।

2.     बाबा जमनादास का मेला – रोहतक के भलोट में चैत्र अष्टमी को लगता है।

3.     बाबा मस्तनाथ का मेला – रोहतक के अस्थल बोहर में फरवरी-मार्च में लगता है।

4.     बाबा बुढ़ा का मेला – रोहतक के आसदा नामक स्थान पर सितम्बर-अक्टूबर माह में लगता है।

5.     होला मोहल्ला मेला – रोहतक के लाखन माजरा में फाल्गुन पूर्णिमा तथा गुरु तेग बहादुर की याद में लगता है।

हिसार

1.     शिव का मेला – हिसार के किरमारा, सीसवाल में फाल्गुन माह में लगता है।

2.     काली देवी का मेला – हिसार के हांसी में आश्विन माह (शुक्ल पक्ष नवमी) को लगता है।

3.     नवरात्रि का मेला – हिसार के बास व बनभोरी में चैत्र माह एक (शुक्ल पक्ष) को लगता है।

4.     जन्मअष्टमी का मेला – हिसार में भाद्र माह अष्टमी (कृष्ण पक्ष) में लगता है।

5.     अग्रसेन जयंती मेला – हिसार के अग्रोहा में अक्टूबर-नवंबर में लगता है।

6.     गोवा नवमी का मेला – हिसार के बाडया, डाया व रोहनात में भाद्र माह नवमी (शुक्ल पक्ष) को ल

कुरुक्षेत्र

1.     सूर्य ग्रहण स्नान – कुरुक्षेत्र के थानेसर में सूर्य ग्रहण के दिन लगता है।

2.     बैसाखी का मेला – कुरुक्षेत्र में 13 अप्रैल को लगता है।

3.     महावीर जयंती उत्सव – कुरुक्षेत्र के लाडवा में चैत्र माह की पूर्णिमा को लगता है।

4.     मारकंडा का मेला – कुरुक्षेत्र के शाहबाद में लगता है।

5.     पेहोवा का मेला – कुरुक्षेत्र के पेहोवा में सोमवती अमावस्या को लगता है।

6.     देवी का मेला – कुरुक्षेत्र के शाहबाद मेें चैत्र नवरात्र में लगता है।

भिवानी

1.     मुंगीपा का मेला – भिवानी के रिवासा में कार्तिक माह की चतुर्दशी (शुक्ल पक्ष) को लगता है।

2.     सती का मेला – भिवानी के खरक कलां में भाद्रमाह पंचमी (शुक्ल पक्ष) को लगता है।

3.     बाबा खेड़ेवाला का मेला – भिवानी के नौरंगाबाद में श्रावण माह की पूर्णिमा को लगता है।

4.     पूर्णमासी को मेला – भिवानी के तोशाम में आश्विन माह की पूर्णिमा को लगता है।

सोनीपत

1.     सतकुम्भा का मेला – सोनीपत के खेड़ी गुज्जर में श्रावण के अंतिम रविवार को लगता है।

2.     बाबा रामकशाह का मेला – सोनीपत के खुवडू में फाल्गुन माह की पूर्णिमा को लगता है।

3.     डेरा नग्न बाल नाथ का मेला – सोनीपत के रमड़ा में फाल्गुन नवमी (शुक्ल पक्ष) के दिन लगता है।

4.     नवरात्रि देवी का मेला – सोनीपत के रमड़ा में चैत्र व आश्विन माह नवरात्र के दिन लगता है।

पंचकुला

1.     काली माई का मेला – पंचकुला के कालका में चैत्र व आश्विन नवरात्रों में लगता है।

फतेहाबाद

1.  ढिंगसरा का मेला (मनसागर) – फतेहाबाद के ढिंगसरा में लगता है।