Monday, April 19, 2021

मात्राकाल के आधार पर स्वर का वर्गीकरण हस्व स्वर दीर्घ स्वर प्लुत स्वर maatraakaal ke aadhaar par svar ka vargeekaran hasv svar deergh svar plut svar Classification of vowels on volume basis Hass Vowel Long Vowel Pluton Vowel

मात्राकाल के आधार पर :- किसी भी स्वर के उच्चारण में लगने वाले समय को मात्रा कहते हैं इस आधार पर स्वर तीन प्रकार के माने जाते हैं –

✔️हस्व स्वर
✔️दीर्घ स्वर
✔️प्लुत स्वर

(i) हस्व स्वर :- एकमात्रिक स्वर – मूल स्वर – (संख्या – 4) (अ, इ, उ, ऋ)

(ii) दीर्घ स्वर :- द्विमात्रिक स्वर – संयुक्त स्वर, संख्या – 7 (आ, ई, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ)
नोट – सभी दीर्घ स्वर प्रायः दो – दो स्वरों के योग से बनते हैं अतः इनको संयुक्त स्वर भी कहा जाता है |

(iii) प्लुत स्वर :- मूल रूप से कोई भी स्वर प्लुत स्वर नहीं होता परंतु जब किसी स्वर के उच्चारण में सामान्य से तीन गुना समय लग जाता है तो वह प्लुत स्वर बन जाता है। प्लुत स्वर को दर्शाने के लिए उसके साथ ३ चिन्ह का प्रयोग किया जाता है। जैसे – अ३, आ३, इ३, ई३, उ३, ऊ३, ऋ३ ए३, ऐ३, ओ३, औ३
नोट :- स्वरों का यह वर्गीकरण सर्वप्रथम पाणिनी के द्वारा स्वरचित ‘अष्टाध्यायी’ रचना मे किया गया था |

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