Sunday, April 18, 2021

जैन धर्म के प्रमुख ग्रन्थ Major Texts of Jainism

दिगम्बर आचार्यों द्वारा सभी जैन आगम ग्रंथो को चार भागों में बांटा गया है -

 (१) प्रथमानुयोग
 (२) करणानुयोग
 (३) चरणानुयोग
 (४) द्रव्यानुयोग

 तत्त्वार्थ सूत्र- सभी जैनों द्वारा स्वीकृत ग्रन्थ

 दिगम्बर ग्रन्थ

 प्रमुख जैन ग्रन्थ हैं: -

 षट्खण्डागम- मूल आगम ग्रन्थ

 आचार्य कुंद कुंद द्वारा विरचित ग्रन्थ- समयसार, प्रवचनसार, नियमसार, रयणारस

 रत्नाकरणदा श्रावक

 पुरुषार्थ सिद्धयुप

 आदिपुराण

 गोपेश,

 आपत्तिमांसा,

 मूलाचार,

 द्रव्यसुखशाह

 गौम्मटार,

 भगवती आराधना

 योगार

 परमात्मा प्रकाश

 श्रीरविषेणचार्य कृत पद्मपुराण

 सामान्य चरित्र

 हरिवंश पुराण

 तिलोय पाननाथ

 तत्वार्थ सूत्र

 जिनशास नाम का स्रोत

 अष्टपाहुड

 आलाप विधि

 ज्ञानार्णव

 आचार्य तन्मी स्वामी विरचित-,  मलारोहण, पंडित पूजा, कम्बत्तीसी, तारण तरण श्रावकाचार, न्यानसमुच्चय साथ, उपदेश दोष, त्रिभंगीरस, चौबीस पाठ, ममलपाहुड, षटिकाशेष, सिद्धस्वभाव, सुन्नस्वभाव, छद्ममणि, नामकरणी।

 कार्तिकेयानुप्रेक्षा

 समयसार कलश

 हरिवंश पुराण

 पार्श्व पुराण

 उत्तर पुराण

 सर्वार्थ सिद्धि

 त्रिलोकसार

 दर्शन

 श्वेताम्बर ग्रन्थ

 कल्पसूत्र (जैन)

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