Wednesday, April 14, 2021

National Mathematics Day 2020: राष्ट्रीय गणित दिवस 22 दिसंबर को ही क्यों मनाया जाता है

🇮🇳❄️National Mathematics Day 2020: राष्ट्रीय गणित दिवस 22 दिसंबर को ही क्यों मनाया जाता है?
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इस दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों में गणित के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना है. यह दिन देश की पीढ़ी के बीच सीखने के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ाने हेतु मनाया जाता है. 

राष्ट्रीय गणित दिवस 2020: भारत में हर साल 22 दिसंबर को राष्ट्रीय गणित दिवस का आयोजन किया जाता है. महान भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की उपलब्धियों को मान्यता देने हेतु राष्ट्रीय गणित दिवस मनाया जाता है. रामानुजन ने गणित के क्षेत्र में अपना बहुमूल्य योगदान दिया है.

राष्ट्रीय गणित दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों में गणित के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना है. रामानुजन को उनके निरंतर अंशों की महारत के लिए पहचाना गया था और उन्होंने हाइपरमेट्रिक श्रृंखला, रीमैन श्रृंखला, जेटा फ़ंक्शन और अण्डाकार अभिन्न अंग के कार्यात्मक समीकरणों पर काम किया था.

इस दिवस का महत्व👇🇮🇳

इस दिन को मनाने का उद्देश्य लोगों में गणित के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना है. यह दिन देश की पीढ़ी के बीच सीखने के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ाने हेतु मनाया जाता है. इस दिन, गणितज्ञ, शिक्षक और छात्रों को शिविरों के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है और संबंधित क्षेत्रों में गणित और अनुसंधान के लिए शिक्षण सामग्री के विकास और प्रसार पर प्रकाश डाला जाता है.

राष्ट्रीय गणित दिवस कैसे मनाया जाता है?👇🇮🇳

राष्ट्रिय गणित दिवस भारत के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और शैक्षिक संस्थानों में मनाया जाता है. यहां तक कि इंटरनेशनल सोसाइटी यूनेस्को और भारत ने गणित सीखने और समझ को फैलाने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की थी. भारत के सभी राज्य अलग-अलग तरीकों से राष्ट्रीय गणित दिवस मनाते हैं. विभिन्न प्रतियोगिताओं और गणितीय प्रश्नोत्तरी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित की जाती हैं.

राष्ट्रीय गणित दिवस का इतिहास👇🇮🇳

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने साल 2012 में चेन्नई में श्रीनिवास रामानुजन की 125वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक समारोह में 22 दिसंबर को राष्ट्रीय गणित दिवस (National mathematics day) के रूप में घोषित किया. इस प्रकार 22 दिसंबर 2012 को पहली बार देश भर में राष्ट्रीय गणित दिवस मनाया गया.

श्रीनिवास रामानुजन के बारे में👇🇮🇳

• भारत के महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन का जन्म 22 दिसंबर 1887 को तमिलनाडु के कोयंबटूर के ईरोड गांव में हुआ था. 

• औपचारिक शिक्षा की कमी के बाद भी 12 साल की उम्र में ही श्रीनिवास रामानुजन ने त्रिकोणमिति में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था और कई प्रमेयों का विकास भी किया था.

• उन्होंने गणितीय विश्लेषण, संख्या सिद्धांत, अनंत श्रृंखला और अंशों के बारे में अहम योगदान दिया था. इसी वजह से उनके सम्मान में देश में हर साल 22 दिसंबर को गणित दिवस मनाया जाता है.

• रामानुजन को गणित से इतना लगाव था कि वे गणित में तो पूरे के पूरे नंबर लेकर आते थे लेकिन अन्य विषयों पर उचित ध्यान न दे पाने पर वे इममें फेल हो जाते थे.

• उनका बचपन काफी कठिनाइयो में बीता. वे अधिकतर विद्यालय में दोस्तों से किताबें उधार लेकर पढ़ा करते थे. युवा होने पर घर की आर्थिक आवश्यकताओं की अपूर्ति के लिए उन्होंने क्लर्क की नौकरी कर ली और खाली होने पर वे गणित के प्रश्न हल किया करते थे.

• महज 33 साल की उम्र में टीबी की बीमारी के कारण 26 अप्रैल 1920 को उनका निधन हो गया था.


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