Sunday, April 18, 2021

नेविगेशन इन इंडियन कांस्टेलेशन (NavIC) Navigation in Indian Constellation (NavIC)

🔆नेविगेशन इन इंडियन कांस्टेलेशन (NavIC)

✅यह एक भारतीय क्षेत्रीय नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (IRNSS) है, जिसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा विकसित किया गया है।
 🔸IRNSS में आठ उपग्रह हैं, इसके अंतर्गत भूस्थैतिक कक्षा में तीन उपग्रह और भू-समकालिक कक्षा में पाँच उपग्रह शामिल हैं।

🔸यह स्थापित और लोकप्रिय अमेरिकी ‘ग्लोबल पोज़ीशनिंग सिस्टम’ (Global Positioning System- GPS) की तरह ही काम करता है, लेकिन यह उप-महाद्वीप के लगभग 1,500 किलोमीटर क्षेत्र को ही कवर करता है।
इसे मोबाइल टेलीफोन मानकों के समन्वय के लिये वैश्विक संस्था ‘3rd जनरेशन पार्टनरशिप प्रोजेक्ट’ (3GPP) द्वारा प्रमाणित किया गया है।

✅उद्देश्य:

इसका मुख्य उद्देश्य भारत और उसके पड़ोसियों को विश्वसनीय नेविगेशन सुविधाएँ और समय सबंधी सेवाएँ प्रदान करना है

✅संभावित उपयोग :
🔸स्थलीय, हवाई और समुद्री नेविगेशन
🔸आपदा प्रबंधन
🔸वाहन ट्रैकिंग और पोत प्रबंधन (विशेष रूप से खनन और परिवहन क्षेत्र के लिये)
🔸मोबाइल फोन के साथ संयोजन
सटीक समय (एटीएम और पावर ग्रिड हेतु) मैपिंग और जियोडेटिक डेटा

✅अन्य वैश्विक नेवीगेशनल प्रणालियाँ:

🔸बाइडू (चीन)
🔸गैलीलियो (यूरोप)
🔸ग्लोनास (रूस)
🔸क्वासी-ज़ेनिथ सैटेलाइट (जापान)

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