Monday, April 12, 2021

One word substitution Muhavara hindi muhavare loktiya hindi vyakaran part 4

One word 04

 अनेक शब्दों के लिए एक शब्द (One Word) भाग 04
 
 
 ( झ )
 झूठ बोलने वाला-(झूठा)
 झमेला करनेवाला- (झमेलिया)
 झूठा मुकदमा- (अभ्याख्यान)
 झीं-झीं की तेज आवाज करने वाला कीड़ा- (झींगुर)
 
 ( त )
 तत्त्त्तव को जानने वाला- (तत्त्त्तवज्ञ)
 तप करने वाला- (तपस्वी)
 तेज बुद्धिवाा- (कुशाग्रबुद्धि)
 तीनों लोकों का स्वामी- (त्रिलोकी)
 तेजवाला- (तेजस्वी)
 तीन कालों की बात जानने वाला- (त्रिकालज्ञ)
 तीन युगों में होने वाला- (त्रियुगी)
 तीन नदियों का संगम- (त्रिवेणी)
 तीन लोको का समूह- (त्रिलोक)
 तर्क के द्वारा जो माना गया हो- (तर्कसंगत)
 तीन वेदों को जाननेवाला- (त्रिवेदी)
 तीन कालों को देखने वाला- (त्रिकालदर्शी)
 तीन माह में एक बार होने वाला- (त्रैमासिक)
 तर्क के द्वारा जो सम्मत(माना जा चुका) है- (तर्कसम्मत)
 तमो गुण का- (तामसिक)
 तीन प्रहरों वाली रात- (त्रियामा)
 तिनकों से बना घर- (उटज)
 तट का जो भाग जल के भीतर हो- (अन्तरीप)
 तेज गति से चलने वाला- (द्रुतगामी/तीव्रगामी)
 
 ( द )
 दूर की सोचने वाला- (दूरदर्शी)
 दुसरे देश से अपने देश में समान आना- (आयात)
 दूसरों की बातों में दखल देना- (हस्तक्षेप)
 दिल से होने वाला- (हार्दिक)
 दया करने वाला- (दयालु)
 दूसरों पर उपकार करने वाला- (उपकारी)
 दूसरों के दोष को खोजने वाला- (छिद्रान्वेसी)
 दूसरे के पीछे चलने वाला- (अनुचर)
 दुखांत नाटक- (त्रासदी)
 दर्द से भरा हुआ- (दर्दनाक)
 देखने योग्य- (दर्शनीय)
 दूसरों की बातों में दखल देना- (हस्तक्षेप)
 दिल से होने वाला- (हार्दिक)
 दो बार जन्म लेनेवाला- (द्विज)
 दुःख देनेवाला- (दुःखद)
 दर्शन के योग्य- (दर्शनीय)
 दिन पर दिन- (दिनानुदिन)
 द्रुपद की पुत्री- (द्रौपदी)
 देखने योग्य- (दर्शनीय)
 द्रुत गमन करनेवाला- (द्रुतगामी)
 दाव (जंगल) का अनल (आग)- (दावानल)
 दूसरों के गुणों में दोष ढूँढने की वृति का न होना- (अनसूया)
 दोपहर के बाद का समय- (अपराह)
 देश के लिए अपने प्राण देने वाला- (शहीद)
 द्वार या आँगन के फर्श पर रंगों से चित्र बनाने या चौक पूरने की कला- (अल्पना)
 दूसरे के हित में अपने आप को संकट में डालना- (आत्मोत्सर्ग)
 देश में विदेश से माल आने की क्रिया- (आयात)
 दूसरों की उन्नति को न देख सकना- (ईष्र्या)
 दूसरों के दोषों को खोजना- (छिद्रान्वेषण)
 दूसरों के दोषों को ढूँढने वाला- (छिद्रान्वेषी)
 दिन रात ठाढ़े (खड़े) रहने वाले साधु- (ठाढ़ेश्वरी)
 दस वर्षो का समय- (दशक)
 दाव (जंगल) में लगने वाली आग- (दावानल)
 दिन पर दिन- (दिनोंदिन)
 दो बार जन्म लेने वाला- (द्विज)
 दैव या प्रारब्ध सम्बन्धी बातें जानने वाला- (देवज्ञ)
 दिन के समय अपने प्रिय से मिलने जाने वाली नायिका- (दिवाभिसारिका)
 दशरथ का पुत्र- (दशरथि)
 देखने की इच्छा- (दिदृक्ष)
 दण्ड दिये जाने योग्य- (दण्डनीय)
 दो भाषायें बोलने वाला- (द्विभाषी)
 दो वेदों को जाननेवाला- (द्विवेदी)
 देवताओं पर चढ़ाने हेतु बनाया गया दही, घी, जल, चीनी, और शहद का मिश्रण- (मधुपर्क)
 दूसरे के स्थान पर काम करने वाला- (स्थानापन्न)
 दोपहर के बाद का समय- (अपराह्नन)
 दैहिक, दैविक व भौतिक ताप या कष्ट- (त्रिताप)
 दीवार पर बने हुए चित्र- (भित्तिचित्र)
 दूसरे के मन की बात जाननेवाला- (अन्तर्यामी)
 दूसरे के अन्दर की गहराई ताड़नेवाला- (अन्तर्दर्शी)
 दूध पिलानेवाली धाय- (अन्ना)
 देह का दाहिना भाग- (अपसव्य)
 दर्पण जड़ी अँगूठी, जिसे स्त्रियाँ अँगूठे में पहनती हैं- (आरसी)
 दो दिशाओं के बीच की दिशा- (उपदिशा)
 दो बातों या कामों में से एक- (वैकल्पिक)
 दूर से मन को आकर्षित करनेवाली गंध- (निर्हारी)
 दुःख, भय आदि के कारण उत्पत्र ध्वनि- (काकु)
 द्वीप में जनमा- (द्वैपायन)
 दक्षिण दिशा- (अवाची)
 दो या तीन बार कहना- (आम्रेडित)
 दागकर छोड़ा गया साँड़- (अंकिल)
 दूसरे के हाथ में गया हुआ- (हस्तान्तरित)
 
 ( ध )
 धरती और आकाश के बीच का स्थान- (अंतरिक्ष)
 धन से संबंध रखने वाला- (आर्थिक)
 धन के देवता- (कुबेर)
 धर्म में रूचि रखने वाला- (धर्मात्मा)
 ध्यान करने योग्य या लक्ष्य- (ध्येय)
 धन देनेवाला (व्यक्ति या देवता)- (धनद, कुबेर)
 धर्म में रूचि रखने वाला- (धर्मात्मा)
 धूप से बचने का छाता- (आतपत्र) धर्म या शास्त्र के विरुद्ध कार्य- (अधर्म)
 
 ( न )
 नापाक इरादे से की जाने वाली मन्त्रणा या साजिश- (दुरभिसन्धि)
 नहीं मरनेवाला- (अमर)
 नहीं खाने योग्य- (अखाद्य)
 नव (अभी-अभी) जनमा हुआ- (नवजात)
 न टूटने वाला- (अटूट)
 नीचे की ओर लाना या खींचना- (अपकर्ष)
 नाक से रक्त बहने का रोग- (नकसीर)
 नख से शिखा तक के सब अंग- (नखशिख)
 नष्ट होने वाला- (नश्वर)
 नभ (आकाश) में विचरण करने वाला- (नभचर/खेचर)
 नया उदित होने वाला- (नवोदित)
 नदी से सींचा जानेवाला प्रदेश- (नदीमातृक)
 नया-नया आया हुआ- (नवागन्तुक)
 नगर में जन्म लेने वाला- (नागरिक)
 निशि में विचरण करने वाला- (निशाचर)
 निर्वाचन में अपना मत देने वाला- (निर्वाचक)
 नए युग या प्रवृत्ति का निर्माण करने वाला- (युगनिर्माता)
 नए युग या प्रवृत्ति का प्रवर्तन (लागू करने) वाला- (युगप्रवर्तक)
 न बहुत शीत (ठंडा) न बहुत उष्ण (गर्म)- (समशीतोष्ण)
 न हो सकने वाला- (अशक्य/असंभव)
 नगर में रहनेवाला- (नागरिक)
 नया (तुरंत का) जनमा हुआ- (नवजात)
 निशा में विचरण करनेवाला- (निशाचर)
 निन्दा करने योग्य- (निन्दनीय)
 न्याय करने वाला- (न्यायाधीश)
 नकल करने योग्य- (अनुकरणीय)
 न कहने योग्य वचन- (अवाच्य)
 नाटक में बड़ी बहन- (अत्तिका)
 निंदा न किया हुआ- (अगर्हित)
 नई योजना का सर्वप्रथम काम में लाने का उत्सव- (उद्घाटन)
 नीति को जाननेवाला- (नीतिज्ञ)
 नाटक का आदरणीय पात्र- (मारिष)
 नाव से पार करने योग्य नदी- (नाव्य)
 नींद पर विजय प्राप्त करनेवाला- (गुडाकेश)
 नियम विरुद्ध या निन्दनीय कार्य करने वालों की सूची- (काली सूचि/ब्लैक लिस्ट)
 
 
 
 ( ट, ठ )
 टाइप करने की कला- ( टंकण)
 ठीक अपने क्रम से आया हुआ- (क्रमागत)
 ठगों का मोदक/लड्डू जिसमें बेहोश करने वाली- (ठगमोदक/ठगलड्डू)
 ठकठक करके बर्तन बनानेवाला- (ठठेरा)
 ठठेरे की बिल्ली जो ठक ठक शब्द से न डरे- (ठठेरमंजारिका)
 ठन ठन की आवाज- (ठनकार)
 ठूसकर भरा हुआ- (ठसाठस)
 ठहाका लगाकर हँसना- (अट्टहास)
 ठीका लेनेवाला- (ठीकेदार)
 ( ड )
 डंडी मारनेवाला- (डंडीमार)
 डफली बजानेवाला- (डफालची /डफाली)
 ड्योढ़ी पर रहनेवाला पहरेदार- (ड्योढ़ीदार)
 ( ढ )
 ढिंढोरा पिटने वाला- (ढिंढोरिया)
 ढालने का काम- (ढलाई)
 ढीला होने का भाव- (ढिलाई)
 ढोंग रचनेवाला- (ढोंगी)
 ढोलक बजानेवाला- (ढोलकिया)
 
 ( प )
 पंद्रह दिन में एक बार होने वाला- (पाक्षिक)
 पुत्र की वधू- (पुत्रवधू)
 पुत्री का पुत्र- (दौहित्र/नाती)
 पढ़ने योग्य- (पठनीय)
 पति-पत्नी का जोड़ा- (दम्पति)
 प्रतिदिन होने वाला-(प्रतिदिन)
 पथ का प्रदर्शन करनेवाला- (पथप्रदर्शक)
 प्रिय बोलने वाली स्त्री- (प्रियंवदा)
 पूजने योग्य- (पूजनीय, पूज्य)
 पुत्र की वधू- (पुत्रवधू)
 पुत्र का पुत्र- (पौत्र)
 पढ़ने योग्य- (पठनीय)
 पाद (पैर) से मस्तक (सिर) तक- (आपादमस्तक)
 पूछने योग्य- (प्रष्टव्य)
 पर्ण (पत्ते) की बनी हुई कुटी- (पर्णकुटी)
 प्रकृति सम्बन्धी- (प्राकृतिक)
 पंक्ति में सबसे आगे खड़ा होने वाला- (अग्रसर)
 परलोक का- (पारलौकिक)
 परम्परा से चली आई हुई बात, उक्ति या कला- (अनुश्रुति)
 पदार्थ का सबसे छोटा इन्द्रिय-ग्राह्य विभाग या मात्रा- (अणु)
 पैर से लेकर सिर तक- (आपादमस्तक)
 पूरब दिशा- (प्राची) पश्चिम दिशा- (प्रतीची) पूरब और उत्तर के बीच की दिशा- (ईशान)
 पर्वत के पास की भूमि- (उपत्यका)
 परब्रह्म का सूचक 'ओं' शब्द- (ओंकार)
 प्राचीन आदर्श के अनुकूल चलने वाला- (गतानुगतिका)
 पृथ्वी की वह शक्ति जो सभी चीजों की अपनी ओर खींचती हो- (गुरुत्वाकर्षण)
 पत्रों आदि को दूरस्थ स्थानों पर पहुँचाने वाली सेवा- (डाक सेवा)
 पुलिस की बड़ी चौकी- (थाना)
 पति-पत्नी का जोड़ा- (दम्पती)
 पति के छोटे भाई की स्त्री- (देवरानी)
 पंडितों में पंडित- (पंडितरा)
 पथ का प्रदर्शन करने वाला- (पथ-प्रदर्शक)
 पानी में डूबकर चलने वाली नाव- (पनडुब्बी)
 पन्द्रह दिन में होने वाला- (पाक्षिक)
 पीने की इच्छा- (पिपासा)
 पिता की हत्या करनेवाला- (पितृहंता)
 पिता की पिता- (पितामह)
 पिता के पिता का पिता- (प्रपितामह)
 प्राण देनेवाली औषधि- (प्राणदा)
 पाप या अपराध करने पर दोषमुक्त होने के लिए किया जाने वाला धार्मिक या शुभ कार्य- (प्रायश्चित)
 प्रिय बोलनेवाली स्त्री- (प्रियंवदा)
 पिता से प्राप्त की हुई (सम्पत्ति)- (पैतृक)
 पर्वत की कन्या- (पार्वती)
 पाने की इच्छा- (लिप्सा)
 प्रतिकूल पक्ष का- (विपक्षी)
 प्रतिदिन होने वाला- (दैनिक)
 पर्वत पर चढ़ने वाला- (पर्वतारोही)
 परीक्षा देने वाला- (परीक्षार्थी)
 पूर्णिमा की रात- (राका)
 पृथ्वी को धारण करनेवाला- (महीधर)
 पक्षियों का कलरव- (वाशित)
 पानी से उठा हुआ किनारा- (पुलिन)
 पीसे हुए चावल की मिठाई- (अँदरसा)
 प्रसूता को दिया जानेवाला भोजन- (अछवानी)
 पेट या जठर की आग- (जठराग्नि)
 प्राणों पर संकट लाने वाला- (सांघातिक

No comments: