Thursday, May 20, 2021

Anekarthi shabd अनेकार्थी शब्द की परिभाषा synonym words paryavachi

Anekarthi shabd-(अनेकार्थी शब्द)की परिभाषा
 
 ऐसे शब्द, जिनके अनेक अर्थ होते है, अनेकार्थी शब्द कहलाते है।
 दूसरे शब्दों में- जिन शब्दों के एक से अधिक अर्थ होते हैं, उन्हें 'अनेकार्थी शब्द' कहते है।
 अनेकार्थी का अर्थ है – एक से अधिक अर्थ देने वाला।
 
 भाषा में कुछ ऐसे शब्दों का प्रयोग होता है, जो अनेकार्थी होते हैं। खासकर यमक और श्लेष अलंकारों में इसके अधिकाधिक प्रयोग देखे जाते हैं। नीचे लिखे उदाहरणों को देखें-
 
 ''करका मनका डारि दैं मन का मनका फेर।'' (कबीरदास)
 ''रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून।
 पानी गए न ऊबरै, मोती, मानुष, चुन।'' (रहीम)
 ''चली चंचला, चंचला के घर से, तभी चंचला चमक पड़ी।''
 
 उपर्युक्त उदाहरणों में प्रयुक्त शब्दों के अर्थ देखें:
 मनका- माला के दाने, मन (चित्त) का
 पानी- चमक (मोती के लिए)
 जल (चूना, आटे के लिए)
 चंचला- लक्ष्मी, स्त्री, बिजली
 
 यहाँ कुछ प्रमुख अनेकार्थी शब्द दिया जा रहा है।
 
 ( अ, आ )
 
 अपवाद- कलंक, वह प्रचलित प्रसंग, जो नियम के विरुद्ध हो।
 अतिथि- मेहमान, साधु, यात्री, अपरिचित व्यक्ति, यज्ञ में सोमलता लाने वाला, अग़्नि, राम का पोता या कुश का बेटा।
 अरुण- लाल, सूर्य, सूर्य का सारथी, इत्यादि ।
 आपत्ति- विपत्ति,एतराज।
 अपेक्षा- इच्छा, आवश्यकता, आशा, इत्यादि।
 आराम- बाग, विश्राम, रोग का दूर होना, निरोग होना।
 अंक- भाग्य, गिनती के अंक, नाटक के अंक, चिन्ह संख्या, गोद।
 अंबर- आकाश, अमृत, वस्त्र।
 अनंत- आकाश, ईश्वर, विष्णु, अंतहीन, शेष नाग।
 अर्थ- मतलब, कारण, लिए, भाव, हेतु, अभिप्राय, धन, आशय, प्रयोजन।
 अवकाश- छुटटी, अवसर, अंतराल
 आम- आम का फल, सर्वसाधारण, रंज, मामूली, सामान्य।
 अन्तर- शेष, दूरी, हृदय, भेद।
 अर्क- इन्द्र, सूर्य, रस, अकबन।
 अंकुर- कोंपल, नोंक, सूजन, रोआँ।
 अंकुश- रोक, हाथी को वश में करने का लोहे का छोटा अस्त्र।
 अंजन- काजल, रात, माया, लेप।
 अंश- हिस्सा, कोण का अंश, किरण।
 अंत- मरण, अवसान, सीमा।
 अनन्त- आकाश, अन्तहीन, विष्णु।
 अच्युत- कृष्ण, स्थिर, अविनाशी।
 अपर- दूसरा, इतर, पंखहीन।
 अपंग- अपाहिज, तिलक, नेत्रों के कोने।
 अग्र- पहाड़, वृक्ष, अचल।
 अग्र- मुख्य, आगे, नोंक, शिखर।
 अमृत- सुधा, जल, अमर, सुन्दर।
 अन्तर- मध्य, ह्रदय, व्यवधान, भेद।
 अज- ब्रह्मा, बकरा, दशरथ का पिता।
 अक्ष- आँख, धुरी, आत्मा, पहिया, पासा।
 अक्षर- अविनाशी, वर्ण, आत्मा, आकाश, मोक्ष।
 अमल- निर्मल, अभ्यास, समय, नशा।
 अमर- देवता, पारा, अविनाशी।
 अलि- भौंरा, मदिरा, कुत्ता।
 अरिष्ट- लहसुन, नीम, कौवा।
 अहि- सर्प, सूर्य, कष्ट।
 अचल- स्थिर, पर्वत, दृढ़।
 अटक- बाधा, भ्रमणशील, उलझन।
 अरुण- लाल रंग, सूर्य, सिन्दूर।
 आत्मा- प्राण, अग्नि, सूर्य।
 आकार- स्वरूप, चेष्टा, बुलाना।
 आशुग- वायु, तीर, पत्र।
 आली- सखी, पंक्ति।
 अधिवास- निवास, पड़ोसी, बस्ती, हठ।
 अनल- आग, परमेश्वर, जीव, विष्णु।
 अपाय- जाना, लोप, नाश, हानि, उपद्रव।
 अभय- निर्भयता, शिव, निरापद।
 अभिनिवेश- आग्रह, संकल्प, अनुराग, दृढ़ निश्चय।
 अयोनि- अजन्मा, नित्य, मौलिक, कोख।
 अशोक- मगधराज, शोकरहित, एक वृक्ष।
 आँख- नयन, परख, सन्तान, छिद्र।
 आनंद- ख़ुशी, मदिरा, शिव, एक छंद।
 अगज- हाथी से भिन्न, पहाड़ से उत्पन्न।
 
 ( इ, उ )
 
 ईश्वर- परमात्मा, स्वामी, शिव, पारा, पीतल।
 इतर- दूसरा, साधारण, नीच।
 इंगित- संकेत, अभिप्राय, हिलना-डूलना।
 इन्द्र- देवराज, राजा, रात्रि।
 उत्तर- उत्तर दिशा, जवाब, हल, अतीत, पिछला, बाद का इत्यादि।
 उग्र- विष, प्रचंड, महादेव।
 उद्योग- परिश्रम, धंधा, कारखाना।
 उदार- दाता, बड़ा, सरल, अनुकूल।
 
 ( ए, ओ )
 
 एकांत- तत्पर, स्वस्थचित्त।
 एकाक्ष- काना, कौवा।
 ऐरावती- इरावती नदी, बिजली, वटपत्री।
 ओक- पक्षी, शूद्र, मतली, घर, पनाह।
 औसत- बीच का, साधारण, दरमियानी
 
 ( क )
 
 कर- हाथ, टैक्स, किरण, सूँड़ ।
 काल- समय, मृत्यु, यमराज।
 कला- अंश, किसी कार्य को अच्छी तरह करने का कौशल।
 कर्ण- कर्ण (नाम), कान।
 कुशल- खैरियत, चतुर ।
 कल- बीता हुआ दिन, आने वाला दिन, मशीन।
 कर्ण- कर्ण (नाम), कान।
 काम- वासना, कामदेव, कार्य, पेशा, धंधा।
 कनक- सोना, धतूरा, पलाश, गेंहूँ।
 कुंद- भोंथरा, एक मूल।
 कुल- वंश, सब।
 कृष्ण- काला, कन्हैया, वेदव्यास।
 केतु- एक ग्रह, ध्वज, श्रेष्ठ, चमक।
 कोट- परिधान, किला।
 कोटि- श्रेणी, करोड़, गणना।
 कंक- यम, क्षत्रिय, युधिष्ठिर।
 कंकण- कंगन, मंगलसूत्र, विवाह-सूत्र।
 कंटक- घड़ियाल, काँटा, दोष।
 कक्ष- कमरा, काँख, लता, रनिवास, बाजू।
 कटाक्ष- आक्षेप, तिरछी निगाह, व्यंग्य।
 कर्क- केंकड़ा, आग, एक राशि, आईना, सफेद।
 काक- कौआ, लँगड़ा आदमी, अतिधृष्ट।
 कादम्ब- कदम्ब, ईख, बाण, खट्टी मदिरा।
 कैरव- कुमुद, कमल, शत्रु, ठग।
 कंद- शकरकन्द, बादल, मिश्री।
 कलत्र- स्त्री, कमर।
 केलि- परिहास, खेल, पृथ्वी।
 कमल- हिरण, पंकज, ताम्बा, आकाश।
 कल्प- सबेरा, शराब।
 कक्ष्या- राजा की देहरी, कमरबंद।
 कसरत- व्यायाम, अधिकता।
 कबंध- जल, बादल, एक राक्षस।
 कौरव- धृतराष्ट्रादि, गीदड़।
 कम्बल- आँसू, ऊनी वस्त्र, गाय के गले का रास।
 कंबु- शंख, कंगन।
 कलाप- समूह, तरकश, मोर की पूँछ, चाँद, व्यापार।
 कस- बल, परीक्षा, तलवार की लचक।
 कान्तार- टेढ़ा मार्ग, वन।
 कांड- गुच्छा, दुर्घटना।
 काट- द्रोह, आपसी विरोध।
 कैतन- ध्वजा, घर, कार्य, आमंत्रण।
 कुरंग- हिरण, नीला, बदरंग।
 कुंभ- घड़ा, एक राशि, हाथी का मस्तक।
 कुटिल- टेढ़ा, दुष्ट, घुंघराला।
 कौपीन- लँगोटा, अकार्य, गीद्ध।
 कौशिक- विश्वामित्र, नेवला, उल्लू, सँपेरा, इन्द्र।
 
 
 खग- पक्षी, तारा, गन्धर्व, जुगनू, बाण।
 खर- दुष्ट, गधा, तिनका, कड़ा, तीक्ष्ण, मोटा, एक राक्षस।
 खल- दुष्ट, धतूरा, बेहया, धरती, सूर्य, दवा कूटने का खरल।
 खैर- कत्था, कुशल।
 
 ( ग, घ )
 
 गण- समूह, मनुष्य, भूतप्रेतादि, शिव के गण, छन्द में गिनती के पद, पिंगल के गण।
 गुरु- शिक्षक, ग्रहविशेष, श्रेष्ठ, बृहस्पति, भारी, बड़ा, भार।
 गो- बाण, आँख, वज्र, गाय, स्वर्ग, पृथ्वी, सरस्वती, सूर्य, बैल, इत्यादि।
 गुण- कौशल, शील, रस्सी, स्वभाव, लाभ, विशेषता, धनुष की डोरी।
 गति- पाल, हालत, चाल, दशा, मोक्ष, पहुँच।
 गदहा- गधा, मूर्ख, वैद्य।
 ग्रहण- लेना, चन्द्र, सूर्यग्रहण।
 गोविंद- कृष्ण, गोष्ठी का स्वामी।
 गोत्र- वंश, वज्र, पहाड़, नाम।
 गिरा- सरस्वती, गिरना, वाणी।
 गौर- गोरा, विचार।
 
 घन- बादल, अधिक, घना, गणित का घन, पिण्ड, हथौड़ा ।
 घट- घड़ा, देह, ह्रदय, किनारा।
 घाट- नावादि से उतरने-चढ़ने का स्थान, तरफ।
 घृणा- घिन, बादल।
 
 ( च, छ )
 
 चरण- पग, पंक्ति, पद्य का भाग।
 चंचला- लक्ष्मी, स्त्री, बिजली।
 चोटी- शिखर, सिर, वेणी।
 चन्द्र- शशि, कपूर, सोना, सुन्दर।
 चाँद- चन्द्रमा, सिर।
 चारा- पशुखाद्य, उपाय।
 चक्र- पहिया, चाक, भँवर, समूह, बवंडर।
 चय- समूह, नींव, टीला, तिपाई, किले का फाटक।
 छन्द- इच्छा, पद, वृत्त।
 
 ( ज, ठ )
 
 जलज- कमल, मोती, शंख, मछली, जोंक, चन्द्रमा, सेवार।
 जाल- फरेब, बुनावट, फंदा, किरण, जाला।
 जीवन- जल, प्राण, जीविका, जीवित।
 जलधर- बादल, समुद्र।
 जड़- मूल, मूर्ख।
 जौ- वेग, शरिक्त, अन्न विशेष।
 जंग- युद्ध, लोहे में लगी कार्बनपरत।
 जयन्त- इन्द्रपुत्र, शिव, चाँद, एक ताल।
 जरा- बुढ़ापा, थोड़ा।
 ज्येष्ठ (जेठ)- पति का बड़ा भाई, बड़ा, हिन्दी महीना।
 ठाट- श्रृंगार, आडंबर।
 ठाकुर- देवता, हजाम, क्षत्रिय।
 
 ( त, थ )
 
 तीर- बाण, किनारा, तट।
 तारा- आँख की पुतली, नक्षत्र, तारक, प्यारा, बालि की स्त्री, बृहस्पति की स्त्री।
 तंत्र- दवा, उपासना, पद्धति, सूत, कपड़ा।
 तत्त्व- मूल, वस्त्र, ब्रह्मा, पदार्थ।
 तल्प- खाट, अटारी, स्त्री।
 तनु- शरीर, मूर्ति, अल्प, कोमल, पतला।
 ताल- लय, एक वृक्ष, झील, हड़ताल।
 तार्क्ष्य- घोड़ा, गरुड़, सर्प, स्वर्ण, रथ।
 तात- पूज्य, प्यारा, मित्र, पिता, तप्त।
 तमचर- उल्लू, राक्षस, चोर।
 तीर्थ- देवस्थान, शास्त्र, गुरु।
 थान- स्थान, अदद, पशुओं के बाँधने की जगह।
 
 ( द )
 
 दल- समूह, सेना, पत्ता, पत्र, नाश, हिस्सा, पक्ष, भाग, चिड़ी।
 दंड- सज़ा, डंडा, आक्रमण, दमन, एक व्यायाम।
 द्रव्य- वस्तु, धन।
 द्विज- पक्षी, दाँत, ब्राह्मण, गणेश।
 द्वीप- टापू, आश्रम, हाथी, अवलम्ब।
 द्रोण- द्रोणाचार्य, डोंगी, कौआ।
 दर्शन- मुलाकात, एक शास्त्र, स्वप्न, तत्त्वज्ञान।
 दिनेश- उक्ति, भिक्षा, सूर्य, आदेश।
 
 ( ध, न )
 
 धन- सम्पति, शुभ कार्य, श्रेय, न्याय, योग।
 धर्म- प्रकृति, स्वभाव, कर्तव्य, सम्प्रदाय।
 धात्री- उपमाता, पृथ्वी, आँवला।
 धाम- घर, शरीर, देवस्थान।
 धार- प्रवाह, किनारा, सेना।
 धनंजय- अर्जुन, नाग।
 नंद- हर्ष, परमेश्वर, मगधराज, मेढ़क।
 निशान- तेज करना, चिह्न, यादगार, पताका।
 नाक- नासिका, स्वर्ग, मान।
 नाग- हाथी, पर्वत, बादल, साँप।
 नग- पर्वत, वृक्ष, रत्न विशेष, चाव, अचल, नगीना।
 निशाचर- राक्षस, प्रेत, उल्लू, साँप, चोर।
 
 ( प, फ )
 
 पद- चरण, शब्द, पैर, स्थान, उद्यम, रक्षा, ओहदा, कविता का चरण।
 पानी- जल, चमक, इज्जत ।
 पक्ष- पन्द्रह दिन का समय, ओर, पंख, बल, घर, सहाय, पार्टी।
 पत्र- पत्ता, चिठ्ठी, पंख।
 पृष्ठ- पीठ, पत्रा, पीछे का भाग।
 प्रभाव- सामर्थ्य, असर, महिमा, दबाव।
 पतंग- सूर्य, पक्षी, टिड्डी, फतिंगा, गुड्डी।
 पय- दूध, अन्न, पानी।
 पर- पंख, ऊपर, बाद, किन्तु।
 पति- स्वामी, ईश्वर।
 पयोधर- स्तन, बादल।
 पीठ- पृष्ठभाग, पीढ़ा।
 पान- पेय, द्रव्य, तांबूल, शराब।
 पाश- बंधन, रस्सी, पशु।
 पोत- नाव, बच्चा, दाव।
 प्रतीक- चिह्न, प्रतिमा, उल्टा।
 प्रवाल- मूँगा, नया पत्ता, वीणादंड।
 पुष्कर- तालाब, कमल, आकाश, तलवार।
 पिशुन- चुगलखोर, केसर, नारद, नीच, क्रूर, मूर्ख।
 पूत- पुत्र, पवित्र किया हुआ, शंख।
 पूरण- वृष्टि, मरना, सेतु, सम्पूर्ण।
 फल- लाभ, मेवा, नतीजा, पेड़ का फल, तलवार, भाले की नोक।
 फन- साँप का फण, हूनर।
 
 ( ब, भ )
 
 बल- सेना, ताकत, बलराम, शक्ति।
 बेला- एक फूल, वक्ता, समय, बरतन।
 बाद- पीछे, व्यर्थ, सिवाय।
 बस- गाड़ी, वश, समाप्ति।
 बाला- लड़की, आभूषण, वलय।
 बंध- बंधन, गाँठ, निर्माण, बाँध (नदी के किनारे)।
 बीर- बहादुर, सखी, चरागाह।
 बलि- राजा बलि, बलिदान, उपहार, कर इत्यादि।
 भग- ऐश्वर्य, चाँद, यश, ज्ञान, और वैराग्य।
 भूत- अतीत, वस्तुतः, सत्य, प्राप्त।
 भीत- डरा हुआ, भित्ति, दीवार।
 भव- संसार, शुभ, मेघ, जन्म।
 भोर- सुबह, सीधा, भूलने का स्वभाव।
 भाग- हिस्सा, विभाजन, भाग्य।
 भार- काम, बोझा, सहारा, रक्षा।
 
 ( म )
 
 मयूख- कान्ति, किरण, ज्वाला।
 मन्यु- क्रोध, दीनता, यज्ञ, चिन्ता।
 मधु- शराब, शहद, बसंत, दूध, मीठा।
 मान- सम्मान, इज्जत, अभिमान, नाप-तौल, मानना।
 मित्र- दोस्त, सूर्य, प्रिय, साँप।
 मूल- जड़, पहला, वृक्ष की जटा।
 मंडल- जिला, हल्का, बिम्ब, क्षितिज।
 मणि- कीमती पत्थर, श्रेष्ठजन, बकरी के गले की थैली।
 मल- मैल, कफ, पाप, बुराई।
 मात्रा- इन्द्रिय, धन, परिमाण।
 मत- राय, वोट, नही।
 महावीर- हनुमान, बहुत बलवान्, जैन तीर्थकर।
 मुद्रा- मुहर, आकृति, सिक्का, अँगूठी, रूप, धन।
 
 
 ( य, र )
 योग- नियम, उपाय, मिलन, युक्ति, विधा, कौशल, ध्यान, जोड़।
 यति- योगी, जितेन्द्रिय, ब्रह्मा-पुत्र, विराम।
 राशि- समूह, मेष, कर्क, आदि राशियाँ।
 रस- प्रेम, काव्य के नौ रस, अर्क, स्वाद, सार।
 रक्त- लहू, लाल रंग, सिंदूर, केसर।
 रुचि- प्रेम, शोभा, किरण, इच्छा।
 रश्मि- लक्ष्मी, किरण, लगाम।
 रंग- शोभा, सौंदर्य, ठाट-बाट, दशा।
 
 ( ल )
 लक्ष्य- निशाना, उद्देश्य।
 लहर- तरंग, वायु की गति, उमंग, जोश।
 लिंग- चिह्न, प्रमाण, एक पुराण।
 लोक- जगत्, लोग।
 लाल- पुत्र, एक रंग, एक कीमती रत्न।
 लीक- रास्ता, लकीर, प्रथा, गणना।
 लघु- ह्रस्व, छोटा, हल्का।
 लौ- लपट, चाह।
 ( व )
 वर- दूल्हा, वरदान, श्रेष्ट।
 वर्ण- जाति, रंग, अक्षर।
 विग्रह- लड़ाई, शरीर, विच्छेद, देवता की मृर्ति।
 विषम- जो सम न हो, भीषण, बहुत कठिन।
 वन- जंगल, उपवन, झरना, फूलों का गुच्छा, जल।
 विरोध- वैर, विपरीत भाव।
 विजया- दुर्गा, भाँग।
 वितान- फैलाव, राशि, प्रगति, अवसर, घृणा।
 वेद- ज्ञान, विष्णु, व्याख्या।
 व्योम- आकाश, अभ्रक, कल्याण।
 वशा- स्त्री, बाँझ गाय, बेटी।
 वंश- कुल, पास, बाँसुरी, परिवार।
 वधू- बहू, नव विवाहिता।
 वरस- बच्चा, बछड़ा, छाती, वर्ष।
 वाम- बायाँ, प्रतिकूल, स्त्री।
 वास- गमक, निवास, इच्छा, वस्त्र।
 विधु- विष्णु, चन्द्रमा, कपूर, राक्षस।
 वृजिन- क्लेश, कुटिल, पाप।
 ( श )
 शिव- मंगल, महादेव, वेद, गीदड़, भागयशाली।
 शुद्ध- पवित्र, ठीक, जिसमें मिलावट न हो।
 शिखा- चोटी, ज्वाला, शाखा, दीपक की लौ।
 शिखि- अग्नि, मयूर, पुरुष, मुर्गी।
 श्यामा- तुलसी, यमुना, रात, राधा।
 शिलीमुख- भ्रमर, बाण, मूर्ख।
 शून्य- आकाश, बिन्दु, अभाव, ईश्वर।
 श्रम- परिश्रम, थकावट, प्रयास, दुःख।
 श्री- लक्ष्मी, कमला, चमक, चन्दन।
 शृंखला- साँकल, कतार, बंधन।
 श्रुति- कान, वेद।
 शॉल- एक पेड़, ऊनी चादर।
 शेर- सिंह, उर्दू छंद के दो चरण।
 शंकु- कील, बाण की नोंक, विष।
 शक्ति- देवी, योग्यता, प्रभाव, बल।
 शंबर- जल, बादल, चित्र, युद्ध, व्रत।
 
 ( स )
 सर- तालाब, सिर, पराजित।
 सेहत- सुख, स्वास्थ्य। रोग से छुटकारा।
 सुधा- अमृत, पानी।
 संज्ञा- नाम, चेतना।
 सारंग- हाथी, कोयल, कामदेव, सिंह, धनुष भौंरा, मृग, मयूर, स्त्री, नानावर्ण, सुन्दर, सरस, बादल, वृक्ष, छाता, वस्त्र, बाल, शंख, शिव, कपूर, चन्दन, आभूषण, स्वर्ण मधुमक्खी, कमल।
 संकर- दोगला, योग, गोबर, एक अलंकार।
 संख्या- अंक, प्रज्ञा, तरीका, नाम।
 संगर- युद्ध, खाई, रजामन्दी, सौदा, वादा।
 संतान- औलाद, धारा, वंश, विस्तार।
 सिला- इनाम, बदला।
 संग- पत्थर, साथ, आसक्ति।
 सर्ग- अध्याय, सृष्टि, संतान, प्रकृति।
 सुत- पुत्र, पार्थिव।
 संधा- प्रतिज्ञा, साँझ, स्थिति।
 सुमन- फूल, विचारवान।
 सोना- स्वर्ण, नींद।
 स्थूल- मोटा, सहज में दिखाई देने या समझ में आने योग्य।
 स्नेह- प्रेम, तेल, चिकनाई।
 
 ( ह )
 हार- आभूषण, शिथिलता, पराजय।
 हंस- प्राण, सूर्य, आत्मा, एक पक्षी।
 हस्ती- हाथी, औकात, अस्तित्व।
 हरकत- गति, चेष्टा, नटखटपन।
 हीन- रहित, दीन, निकृष्ट।
 हिम- बर्फ, चाँद, कमल, मोती, कपूर।
 हसरत- अफ़सोस, कामना।
 हत- मारा गया, विरहित, विफल, ग्रस्त।
 हर- महादेव, अग्नि, गधा, भाजक।
 हरिण- मृग, शिव, नेवला, हंस, विष्णु।
 हरि- हाथी, विष्णु, पहाड़, सिंह, इन्द्र, घोड़ा, सर्प, बन्दर, वानर, मेढ़क, यमराज, शिव, कृष्ण, किरण, कोयल, हंस।

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